- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास की सीजी-पीएससी घोटाले को लेकर पत्रकार वार्ता; पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी-पीएससी) घोटाले और राज्य में पिछली सरकार के दौरान विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस व पिछली भूपेश सरकार पर जमकर हमला बोला है। बुधवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में श्री श्रीवास ने पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में सीजी-पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की ईडी और सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह घोटाला केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं के साथ हुआ एक बड़ा षड्यंत्र था।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण आज देश की दो प्रमुख जाँच एजेंसियाँ सीबीआई व ईडी इस घोटाले की परत-दर-परत जाँच कर रही हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए श्री श्रीवास ने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल सरकार के समय जब युवाओं ने सबूत दिए थे, तब भी इसे स्वीकार नहीं किया गया। यहाँ तक कि जब राहुल गांधी बिलासपुर यात्रा के दौरान ट्रेन से सफर कर रहे थे, तब युवाओं ने उन्हें सीजी-पीएससी घोटाले के प्रमाण दिए थे, लेकिन राहुल गांधी ने भी तब इस पर चुप्पी साध ली थी! श्री श्रीवास ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस नेता इस घोटाले को स्वीकार करते हैं? यदि उन्हें पश्चाताप है, तो वे प्रदेश के युवाओं से माफी मांगें।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास ने आरोप लगाया कि वन रक्षक परीक्षा की शारीरिक दक्षता दौड़ में ऐसे रिकॉर्ड दिखाए गए जिससे ‘उसैन बोल्ट’ का विश्व रिकॉर्ड भी टूट जाए, जो कि व्यापक फर्जीवाड़े का उदाहरण है। इसी प्रकार विद्युत नियामक आयोग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर ओएमआर सीट में हेरफेर कर भूपेश बघेल के तत्कालीन ओएसडी के पुत्र का चयन कराया गया, जिसका मामला कोर्ट में लंबित है। अन्य विभागों में हुईं भर्तियों का जिक्र करते हुए श्री श्रीवास ने असिस्टेंट प्रोफेसर, वन विभाग के अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक जैसी विभिन्न भर्तियों में भी भाई-भतीजावाद और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए। श्री श्रीवास ने नीट मामले पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ कांग्रेस नीट परीक्षा को लेकर युवाओं की हितैषी बनने का पाखण्ड प्रदर्शित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ में युवाओं के साथ हुए पीएससी घोटाले और सोनवानी जैसे आरोपियों के बचाव में उनके नेता खड़े दिखाई देते हैं। श्री श्रीवास ने कहा कि राज्य की विष्णुदेव साय सरकार और केंद्रीय जाँच एजेंसियाँ इस मामले में संलिप्त बड़े-से-बड़े चेहरों और आरोपियों को बख्शेंगी नहीं तथा युवाओं को न्याय दिलाकर रहेंगी।
कांग्रेस शासनकाल में ऑर्गेनाइज्ड रूप से पीएससी के पेपर लीक किए गए : रवीन्द्र सिंह
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पीएससी मामले के मुख्य याचिकाकर्ता रवीन्द्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस शासन काल में लोक सेवा आयोग ने छत्तीसगढ़ में दो बार परीक्षा ली है- एक 2003 में और एक 2021 में। दोनों बार देश ने पहली बार देखा कि कैसे ऑर्गेनाइज्ड रूप से पीएससी के पेपर को लीक किया जाता है! 2003 में इसकी परीक्षा मध्यप्रदेश में हुई थी जिसमें लोक प्रशासन, हिंदी साहित्य, भूगोल व अन्य विषयों के पिछली सरकार के पेपर को उठाकर छत्तीसगढ़ में कर दिया गया था। अफसोस की बात है, वहाँ पर मध्यप्रदेश लिखा था, यहाँ पर छत्तीसगढ़ लिखा था। यानी, परीक्षा को लीक करने का यह तरीका था। यह तथ्य एकदम प्रामाणिक है। यह छत्तीसगढ़ की कांग्रेस की पहली सरकार का कारनामा है। दूसरा कारनामा 2021 में हुआ। कोलकाता के एक प्रेस में यह पेपर छपा। टामन सोनवानी के घर में बैठकर पेपर निकाला गया। संगठित रूप से कोचिंग संस्थान को इंगेज करके उसे टॉपर बनने के लिए पेपर की तैयारी कराई गई। छत्तीसगढ़ में दो बार जब कांग्रेस की सरकार रही तब यह ऑर्गेनाइज्ड रूप से हुआ। इस मामले में कांग्रेस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जो भी कार्रवाई हुई, वह भाजपा की सरकार ने की है। यह लड़ाई को हमने सड़क पर भी लड़ी। भाजपा की सरकार ने अमोल सिंह सलाम और खेलन राम जांगड़े के विरुद्ध एफआईआर किया। दो दिन विधानसभा में पीएससी के विवाद पर चर्चा हुई। इस विषय को कांग्रेस ने कभी छूने का प्रयास नहीं किया, उल्टे भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने का प्रयास किया। यह कांग्रेस और भाजपा की सरकार में अंतर है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती, प्रदेश मीडिया सह संयोजक प्रवीण साहू भी उपस्थित रहे।







