छत्तीसगढ़राजनंदगांव

राजनांदगांव में महापुरुषों की प्रतिमाएं बदहाल, कहीं टूटी तो कहीं धूल से ढकी; रखरखाव पर उठे सवाल

राजनांदगांव (विश्व परिवार)। शहर में डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित की गई है, लेकिन रखरखाव नहीं होने के चलते ये प्रतिमाएं बदहाली के आंसू हो रही हैं। हर साल बजट में लाखों रुपए का प्रावधान होने के बाद नगर निगम इन प्रतिमाओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे कई जगहों पर प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
नगर निगम क्षेत्र में जिला व नगर निगम प्रशासन द्वारा महापुरुषों और शहीदों की यादों को संजोने के लिए प्रमुख चौराहों और वार्डों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई है। देखरेख और सुरक्षा के अभाव में सारी प्रतिमाएं उपेक्षित है। यहां तक नगर निगम परिसर में ही लगी प्रतिमाएं भी धूल खा रही है। वहीं कुछ जगहों पर प्रतिमाएं खंडित भी हो चुकी है।
समय रहते देखरेख और सुरक्षा नहीं की गई तो आने वाले दिनों में शहर में स्थापित प्रतिमाएं पूरी तरह से जर्जर और खंडित हो सकती है। इस और ध्यान देने की आवश्यकता है। क्योंकि यह शहर की संस्कृति को भी दर्शाता है। इसकी सुरक्षा की जितनी जिम्मेदारी प्रशासन और निगम की है, उतनी ही शहरवासियों की भी है।
शहर को सुंदर बनाने और संस्कृति से लोगो को जोड़ने के लिए प्रशासन और नगर निगम के द्वारा शहर और प्रमुख वार्डों में महापुरुषों और कुछ मुर्तियां लगाई गई है। ताकि लोग उनके बारे में जान सके और प्रेरणा ले सके। जब जंयती हो या पुण्यतिथि, तभी इन मूर्ति की सफाई की जाती है। नहीं तो इनको देखने वाला तक कोई नहीं होता। पीडब्ल्यूडी के एमआईसी प्रभारी सावंत वर्मा का कहना है कि प्रतिमाओं की देखरेख की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इसके लिए बजट में प्रावधान होता हैं।
कई जगह मूर्ति खंडित
शहर के नंदई चौक में छग की परंपरा को दर्शाने वाली प्रतिमा स्थापित है, लेकिन इस मूर्ति की देखरेख नही होने से यह क्षतिग्रस्त हो गई है। इस तरह हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा भी खंडित हो गई है। इसी तरह कलेक्टोरेट मार्ग हाईवे किनारे ठाकुर प्यारेलाल स्कूल की प्रतिमा के आसपास टाइल्स निकल रही है। इसके अलावा महारानी स्कूल के सामने पंथी नृत्य करती टीम की मूर्तियां धूल खा रही है।
नंदई चौक, कुआं चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, हॉट बाजार के पास के मूर्तियां भी अवंतीबाई लोधी, पुराना बस का भी यही है। ओव्हरब्रिज पास रानी बदहाल हाल है। इसी तरह कक्कड़ आटो के पास अटल बिहारी, कमला कालेज रोड़ दीनदयाल की प्रतिमा व दिल्ली दरवाजे के पास सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा सहित कई जगह इस तरह की तस्वीर दिख जाएगी।

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