नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरा करने के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध नहीं कराई।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के अपने दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को यहां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय में विभिन्न परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सीमा पर बीएसएफ द्वारा बाड़ लगाए जाने के लिए जमीन मुहैया कराने को लेकर कई बार गुहार लगाई लेकिन ममता बनर्जी ने इसे अनसुना कर दिया। मैं सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1,129 एकड़ जमीन की मांग 2014 से कर रहा था। राज्य में (मुख्यमंत्री) शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद ही हमें यह जमीन मिली।’’
अमित शाह ने कहा कि राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने एसएसबी या सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कार्यक्रमों में कभी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने मंच पर उनके साथ मौजूद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को इस चलन को तोड़ने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री निमंत्रण भेजे जाने के बावजूद एसएसबी के समारोहों में कभी शामिल नहीं हुए। एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। यह बल ऐसी बातों से ऊपर है।’’
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले बलों के प्रति इस तरह की उदासीनता से गलत संदेश जाता है।
राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद गुरुवार शाम बागडोगरा पहुंचे अमित शाह ने केंद्र की सुरक्षा संबंधी जरूरतों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए जो भी चाहिए था, वह शुभेंदु अधिकारी के सत्ता में आने के बाद से मिला। अब तो परियोजनाओं के लिए औपचारिक पत्र भेजे जाने से पहले ही राज्य की मंजूरी मिल जाती है।’’
अमित शाह ने कहा, ‘‘अत्यंत संवेदनशील सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा मजबूत करने के लिए हमें 560 एकड़ जमीन की जरूरत थी लेकिन ममता बनर्जी की (पूर्व) सरकार ने इतने वर्षों तक यह जमीन नहीं दी। मैं सत्ता में आने के तुरंत बाद जमीन देने की मंजूरी के लिए (शुभेंदु) अधिकारी को धन्यवाद देना चाहता हूं। आज इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी हमारे लिए सोने पर सुहागा है।’’







