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सिपेट, कोरबा और डीटीआईसी जशपुर के सयुंक्त तत्वाधान में ग्रीन पैकेजिंग पर पत्थलगांव में कार्यशाला का आयोजन

कोरबा (विश्व परिवार)। केंद्रीय पेट्रोरसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट), कोरबा द्वारा भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की RAMP योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) एवं उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन एवं ज़िला व्यापार और उद्योग केंद्र, जशपुर, छत्तीसगढ़ के सहयोग से“ग्रीन पैकेजिंग: अवसर एवं व्यवहारिक तरीके” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन पत्थलगांव में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि मनीषभगत, महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), जशपुर के द्वारा किया गया। भगत ने उद्योगों एवं MSMEs के लिए उपलब्ध विभिन्न शासकीय योजनाओं, सुविधाओं एवं प्रोत्साहनों के बारे में अपने विचार व्यक्त कर विस्तार से अवगत कराया।
कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में डॉ. दिवेशमेश्राम, तकनीकी अधिकारी, सिपेट,कोरबा ने ग्रीन पैकेजिंग के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला तथा कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए CSIDC एवं DTIC के प्रति आभार व्यक्त किया। अतिथियों ने सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों के क्षेत्र में नवाचार, तकनीकी उन्नयन एवं क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने में सिपेटकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। कार्यशाला के तकनीकी सत्र के दौरान विशेष अतिथि डॉ. महेश भिवापुरकर, प्रोफेसर, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ ने “Automation for Sustainable Packaging” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सतत पैकेजिंग के क्षेत्र में ऑटोमेशन, आधुनिक तकनीकों एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसी तारतम्य में सीए अरिहंत जैन द्वारा उद्योग नीति के प्रावधानों से किस तरह से लाभान्वित हो सकते हैं क्या करने से अनुदान सुनिश्चित होगा आदि से सम्बन्धित विषयों पर जानकारी प्रदान किये. तत्पश्चात कौन्तेय जायसवाल, सदस्य छत्तीसगढ़ सूक्ष्म लघु उद्योग फेसीटीलेशन काउंसिल रायपुर, छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल कार्पोरेशन सदस्य राज्य स्तरीय सुझाव समिति एवं प्रदेश उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ। छत्तीसगढ़ उद्योग फेसीटीलेशन काउंसिल रायपुर द्वारा अपने विचार व्यक्त किये गए । आयोजित इस कार्यशाला में ऑनलाइन माध्यम से रेहान अली प्रधान, संस्थापक एवं सीईओ, मेटोल्यूशंस प्रा. लि., बैंगलोर ने कृषि
उप-उत्पादों से बने बायोपॉलिमर कंपाउंड्स फॉर ग्रीन पैकेजिंग एवं के. एन. उपाध्याय, महाप्रबंधक (सेल्स), कैप्सन रिसोर्सेज कॉर्पोरेशन, लखनऊ के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गयी।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य MSMEs को ग्रीन पैकेजिंग, सतत विकास, नवीन तकनीकों एवं पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों के प्रति जागरूक करना तथा उद्योगों में इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देना रहा। सिपेट कोरबा से डॉ. दिवेश मेश्राम, तकनिकी अधिकारी ने सिपेट में चलाये जा रहे डिप्लोमा पाठ्यक्रम, कौशल विकास पाठ्यक्रम तथा तकनीकी सहायता सेवाओं के सम्बन्ध में प्रस्तुति दी। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने पैकेजिंग क्षेत्र में नवाचार,
तकनीकी उन्नयन, ऑटोमेशन एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया तथा भविष्य में अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग समाधानों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला के माध्यम से लगभग 60 प्रतिभागियो को सतत पैकेजिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, सरकारी योजनाओं एवं उद्योगों के लिए उपलब्ध अवसरों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई तथा इनके द्वारा विशेषज्ञों से वार्ता कर अपने सवालों के जवाब प्राप्त किये गए। इस अवसर पर सिपेट कोरबा से जगमोहन बेहेरा, वरुण गुप्ता, भावेश भाई प्रजापति,  महेश टुडू, मुकेश साहू एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DTIC), जशपुर के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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