दुर्ग-भिलाई (विश्व परिवार)। प्रतिष्ठित मंगल चंद बलदेव भूरमल बाकलीवाल एवं सुयश परिवार के 265 सदस्यों ने रक्षाबंधन का पर्व एकजुट होकर धूमधाम से मनाया। परिवार के सैकड़ों सदस्य एक स्थान पर एकत्रित हुए और वरिष्ठ भाई-बहनों से लेकर भतीजे-भांजे, भतीजी-भांजियों तक ने सामूहिक रूप से रक्षाबंधन का उत्सव मनाया।
इस अवसर पर परिवार की वरिष्ठ बहनों चंदा देवी, कल्पना देवी, नीलिमा देवी सहित भतीजी शीतल एवं अन्य बहनों ने अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। बहनों ने भाइयों के सिर पर रूमाल रखा, श्रीफल भेंट किया और मुंह मीठा कराया। इस आत्मीय अवसर पर परिवार के कई सदस्यों की आंखें नम हो गईं।
कार्यक्रम के दौरान परिवार के छोटे बच्चों ने वरिष्ठ सदस्यों के चरण वंदन कर उनका आशीर्वाद लिया। सामूहिक रक्षाबंधन के इस आयोजन ने परिवार के बीच प्रेम, स्नेह और एकजुटता की भावना को और मजबूत किया।
जैन समाज के इस संयुक्त परिवार की विशेषता है कि परिवार के सदस्य सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। धार्मिक एवं मांगलिक आयोजनों में भी सभी सदस्य मिलकर सहभागिता करते हैं। परिवार की ओर से प्रतिवर्ष धार्मिक यात्रा का आयोजन भी किया जाता है।
सुयश सागर महाराज के त्याग और तपस्या को किया याद
परिवार के सदस्यों ने परम पूज्य आचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर महाराज के सान्निध्य में कोडरमा में वर्षायोग कर रहे परम पूज्य मुनिराज 108 श्री सुयश सागर महाराज को भी स्मरण किया। गृहस्थ जीवन में जिन्हें जितेश बाकलीवाल और परिवार में ‘कालू भैया’ के नाम से जाना जाता था, वे आज जैन धर्म के त्याग, तपस्या और अहिंसा के मार्ग पर अग्रसर होकर साधु जीवन का निर्वहन कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि सुयश सागर महाराज का त्याग और तपस्या पूरे दुर्ग-भिलाई के लिए गौरव का विषय है। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस पारिवारिक मिलन ने रिश्तों की मजबूती के साथ धार्मिक एवं पारिवारिक संस्कारों की भावना को भी जीवंत किया।







