रायपुर (विश्व परिवार)। रेल यात्रियों एवं आम जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रायपुर रेल मंडल द्वारा रेलवे ट्रैक के किनारे सेफ्टी फेंसिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। बिलासपुर-दुर्ग सेक्शन में कुल 273 किमी के दायरे में सेफ्टी फेंसिंग का प्रावधान किया गया है, जिसमें से अब तक 165.9 किमी (166 किलोमीटर) में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
रेलवे ट्रैक के आसपास अनधिकृत प्रवेश को रोकने में सेफ्टी फेंसिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके माध्यम से पैदल यात्रियों को अनजाने में रेलवे ट्रैक पर प्रवेश करने से रोकने के साथ-साथ मवेशियों एवं जंगली जानवरों के ट्रैक पर आने की संभावना को भी कम किया जाता है। इससे ट्रैक पर होने वाली दुर्घटनाओं, ट्रेन संचालन में व्यवधान तथा रेलवे परिसंपत्तियों को होने वाले नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
130 किमी प्रति घंटे तक यात्री ट्रेनों की गति बढ़ाने की दिशा में भी सेफ्टी फेंसिंग महत्वपूर्ण आवश्यकता है। अधिक गति से चलने वाली ट्रेनों के सामने मवेशियों अथवा जंगली जानवरों के अचानक आ जाने से दुर्घटना की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी घटनाओं से रेल परिचालन प्रभावित होने के साथ-साथ कोच एवं अन्य रेल परिसंपत्तियों को नुकसान तथा यात्रियों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है।
सेफ्टी फेंसिंग के माध्यम से रेलवे ट्रैक के आसपास एक सुरक्षित एवं नियंत्रित कॉरिडोर तैयार होता है, जिससे इस प्रकार के जोखिमों को कम किया जा सकता है। इससे सुरक्षित, तेज एवं सुचारू रेल परिचालन को बढ़ावा मिलता है तथा भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ाने से संबंधित योजनाओं को भी मजबूती मिलती है।
रायपुर रेल मंडल द्वारा सेफ्टी फेंसिंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे रेल यात्रियों, आम जनता तथा रेल परिचालन की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।







