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राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के अंतर्गत एनआईटी रायपुर में ‘हिमालय दिवस–2026’ का आयोजन

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के अनुप्रयुक्त भूविज्ञान विभाग (Department of Applied Geology) द्वारा बुधवार को “हिमालय है तो हम हैं” (जल, जलवायु और मानव कल्याण हेतु) के केंद्रीय विषय पर ‘हिमालय दिवस–2026’ का आयोजन किया गया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC), भारत सरकार के राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन (NMHS) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन लद्दाख स्थित एलएंडपी (L&P, लेह) तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के साथ मिलकर किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक विमर्श और ठोस संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI), रायपुर के उप महानिदेशक अमित धारवाडकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मंच पर एनआईटी रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रो. समीर बाजपेयी, जल शक्ति मंत्रालय के अधीन केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रंजन कुमार राय तथा सीजीडब्ल्यूबी के उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र (NCCR) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बी. आर. लामसोगे विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर एनआईटी रायपुर के मुख्य सतर्कता अधिकारी (CVO) डॉ. प्रभात दीवान, अनुप्रयुक्त भूविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज विश्वकर्मा, सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधाकर पांडेय सहित संकाय सदस्य, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. डी. सी. झारिया रहे तथा इसका समन्वय डॉ. मृदु साहू, डॉ. चंदन के. सिंह एवं डॉ. विकास के. विद्यार्थी द्वारा किया गया।
अतिथियों के औपचारिक स्वागत के पश्चात हिमालय के पारिस्थितिकीय महत्व तथा ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों पर आधारित एक सूचनात्मक वृत्तचित्र (वीडियो) का प्रदर्शन किया गया, जिसके साथ संस्थान के ‘रागा क्लब’ ने एक मधुर सांगीतिक प्रस्तुति दी। डॉ. मृदु साहू ने अपने स्वागत उद्बोधन में छात्रों के लिए आयोजित विभिन्न पर्यावरण-केंद्रित प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज विश्वकर्मा ने हिमालय के भूगर्भीय विकास पर प्रकाश डालते हुए सामूहिक वैज्ञानिक जागरूकता पर बल दिया। वहीं, डॉ. सुधाकर पांडेय ने तीव्र शहरीकरण के दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए जागरूकता को मापने योग्य पर्यावरणीय कार्यों में बदलने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि अमित धारवाडकर ने ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में अपने कार्य-अनुभवों को साझा करते हुए भारतीय उपमहाद्वीप के लिए हिमालय के प्रत्यक्ष और रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संवेदनशील पर्वतीय पारिस्थितिकी को नुकसान पहुँचाए बिना संधारणीय (सतत) विकास अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. समीर बाजपेयी ने भारत की जलवायु, मानसूनी चक्र, जैव विविधता और सभ्यता के विकास में हिमालय की निर्णायक भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और मानवजनित गतिविधियों से उत्पन्न खतरों को कम करने के लिए विकास नीतियों में वैज्ञानिक विशेषज्ञता को समाहित करने का सुझाव दिया। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. डी. सी. झारिया द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
उद्घाटन सत्र के उपरांत विशेषज्ञ वक्ता सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विषय विशेषज्ञों ने हिमालयी क्षेत्र के जल विज्ञान, जलवायु और आपदा प्रबंधन पर अपने विचार साझा किए। इसके समानांतर, विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज़), पोस्टर-मेकिंग तथा इनोवेटिव आइडियाज़ (आइडियाथॉन) जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें एनआईटी रायपुर सहित अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन सत्र में केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान (CIPET), रायपुर के निदेशक डॉ. आलोक साहू, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) के महानिदेशक डॉ. प्रशांत कवीश्वर तथा एनआईटी रायपुर के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) नरेंद्र डी. लोंढे विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रो. नरेंद्र डी. लोंढे ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संस्थान के इस प्रयास की सराहना की। वहीं, डॉ. आलोक साहू ने प्रदूषण नियंत्रण और जन-जागरूकता के प्रसार में ऐसे आयोजनों को अत्यंत प्रभावी बताया।
समारोह के अंतिम चरण में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता में महक शर्मा ने प्रथम, ख्याति सोम ने द्वितीय तथा स्निग्धा और विशाल घोष ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अनिकेत चौबे एवं अनन्या अरुंधति महंती की टीम प्रथम तथा राहुल यादव द्वितीय स्थान पर रहे। अभिनव विचार (इनोवेटिव आइडियाज़) प्रतियोगिता में भारती मिश्रा ने प्रथम, प्रीतिकान्त साहू ने द्वितीय और ऋषभ गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया।

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