खैरागढ़ (विश्व परिवार)। जिले में अल्प वर्षा से सूखे जैसे हालात का आरोप लगाते हुए आज सैकड़ों किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। किसान घंटों कलेक्ट्रेट के सामने सड़क पर बैठकर कलेक्टर का इंतजार करते रहे, लेकिन कलेक्टर के नहीं पहुंचने पर किसानों ने जिला मुख्यालय के गेट पर ही अपना ज्ञापन चस्पा कर दिया। किसानों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान जिला मुख्यालय पहुंचे थे। किसानों का कहना है कि जिले में अल्पवर्षा के कारण खेती प्रभावित हुई है। कई इलाकों में अकाल जैसे हालात बन रहे हैं। किसानों ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। किसानों की मांग है कि सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाए और बिजली कटौती बंद की जाए। इसके साथ ही सिंचाई समस्या के स्थायी समाधान के लिए देवास मॉडल लागू करने की मांग रखी गई है।
मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
किसान नेता सुदेश टिकम का कहना है कि सिंचाई के नाम पर ऐसी परियोजनाएं लाई जाती हैं, जिनसे गांवों के डूबने और लोगों के विस्थापन की स्थिति बनती है। किसानों की मांग है कि पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ सिंचाई व्यवस्था तैयार की जाए।वहीं किसानों ने ज्ञापन में धान के समर्थन मूल्य और पिछली खरीदी के अंतर की राशि से जुड़ी मांगें भी रखी हैं। किसानों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन से संवाद करने पहुंचे थे, लेकिन कलेक्टर के नहीं पहुंचने से नाराज किसानों ने जिला मुख्यालय के गेट पर ज्ञापन चस्पा कर दिया। अब किसानों ने एक सप्ताह का समय दिया है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।








