- व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, वनोपज आधारित व्यवसाय और स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने पर हुई सार्थक चर्चा – शीघ्र ही CAIT का प्रतिनिधिमंडल करेगा बस्तर प्रवास
रायपुर (विश्व परिवार) । देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT ) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी ने बीजापुर कलेक्टर से मुलाकात कर बीजापुर सहित संपूर्ण बस्तर संभाग के व्यापारिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की।
बैठक में बस्तर में व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार, स्थानीय व्यापारियों एवं उद्यमियों को प्रोत्साहन, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों के बाजार विस्तार तथा वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत कर उसे संगठित व्यापार से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
अमर पारवानी ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक संपदा और घने वनों से समृद्ध क्षेत्र है। यहां उपलब्ध वनोपज केवल स्थानीय आजीविका का आधार ही नहीं, बल्कि बस्तर की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की बड़ी क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा कि वनोपज से निर्मित उत्पादों का मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और देश के बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए तो स्थानीय व्यापारियों, उत्पादकों, महिला समूहों एवं लघु उद्यमियों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो सकते हैं।
श्री पारवानी ने कहा कि बस्तर की स्थानीय पहचान को उसकी आर्थिक ताकत बनाया जा सकता है। बस्तर के वनोपज एवं स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, ई-कॉमर्स और देशभर के व्यापारिक नेटवर्क के माध्यम से नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में CAIT सकारात्मक भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही CAIT का एक प्रतिनिधिमंडल बस्तर संभाग का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल स्थानीय व्यापारिक संगठनों, व्यापारियों, उद्यमियों एवं वनोपज से जुड़े हितधारकों के साथ संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं और व्यापारिक संभावनाओं को समझेगा।
इस दौरान वनोपज आधारित व्यापार, स्थानीय उत्पादों, पर्यटन, हस्तशिल्प एवं अन्य संभावित आर्थिक क्षेत्रों को राष्ट्रीय व्यापारिक बाजार से जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा।
श्री पारवानी ने कहा कि “शासन की विकास योजनाओं और व्यापार जगत के अनुभव, नेटवर्क एवं संसाधनों के बीच मजबूत समन्वय से बस्तर में आर्थिक गतिविधियों का नया वातावरण तैयार किया जा सकता है। विकसित बस्तर के निर्माण में व्यापार जगत अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।”
उन्होंने कहा कि CAIT शासन और व्यापारियों के बीच सकारात्मक संवाद एवं सहयोग को और मजबूत करते हुए बस्तर के व्यापारिक एवं आर्थिक विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।







