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NIT रायपुर में ‘कोडउत्सव 10.0’ का शुभारंभ, 41 टीमों के बीच 28 घंटे चलेगा कोडिंग हैकाथॉन

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के ट्यूरिंग क्लब ऑफ प्रोग्रामर्स (TCP) की ओर से दो दिवसीय कोडिंग हैकाथॉन ‘कोडउत्सव 10.0’ का 3 अक्टूबर को शुभारंभ हुआ। यह आयोजन जिला प्रशासन रायपुर के सेवा संकल्प अभियान के ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के तहत किया जा रहा है।

28 घंटे चलने वाले इस हैकाथॉन में देशभर के विभिन्न तकनीकी संस्थानों की 41 टीमों ने हिस्सा लिया है। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में तकनीकी नवाचार, समस्या-समाधान क्षमता और टीमवर्क को बढ़ावा देना है।

तकनीकी समस्याओं के समाधान पर जोर

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि NIT रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी रहे। विशेष अतिथियों में निको ग्रुप के प्रमुख कुमार संभव नामदेव, सूचना प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांकर पांडेय और कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप सिसोदिया मौजूद रहे। आयोजन TCP के फैकल्टी इन-चार्ज डॉ. पवन कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

डॉ. दिलीप सिसोदिया ने कहा कि कोडउत्सव में विद्यार्थियों को दी जाने वाली चुनौतीपूर्ण समस्याएं उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में समस्या-समाधान के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कंपनियां व्यावहारिक समस्या-समाधान क्षमता को विशेष महत्व देती हैं।

डॉ. सुधांकर पांडेय ने तकनीकी ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग पर जोर देते हुए प्रतिभागियों से हैकाथॉन के अवसर का अधिकतम लाभ उठाने और अपने तकनीकी कौशल का प्रभावी इस्तेमाल करने का आह्वान किया।

कार्यशील प्रोटोटाइप तैयार करने की चुनौती

कुमार संभव नामदेव ने प्रतिभागियों को समस्या-विवरण को समझकर उसके प्रभावी और व्यावहारिक समाधान के रूप में कार्यशील प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं पर अपनी तकनीकी क्षमताओं को आजमाने का अवसर देता है। उन्होंने समाधान की उपयोगिता और व्यवहार्यता पर भी ध्यान देने की बात कही।

उपयोगकर्ता की जरूरत और टीमवर्क पर जोर

प्रभारी निदेशक डॉ. समीर बाजपेयी ने कहा कि कोडिंग के जरिए विद्यार्थियों की समस्या-समाधान क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने समाधान तैयार करते समय उपयोगकर्ताओं की जरूरतों, सुरक्षा और उपभोक्ता-अनुकूलता को ध्यान में रखने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि जटिल समस्याओं का समाधान प्रभावी टीमवर्क के बिना मुश्किल हो सकता है। इसके लिए टीम सदस्यों का उचित प्रबंधन और बेहतर संचार कौशल भी जरूरी हैं।

‘कोडउत्सव 10.0’ में तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता और सहयोगात्मक समस्या-समाधान पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी दिए गए समस्या-विवरणों पर काम करते हुए अपने तकनीकी समाधान विकसित करेंगे।

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