- गुलाबी रोशनी बनी आशा और एकजुटता का प्रतीक, विशेषज्ञों ने शुरुआती पहचान और आधुनिक उपचार के महत्व पर दिया जोर
रायपुर (विश्व परिवार)। ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट को गुलाबी रोशनी से रोशन किया गया। इस पहल के माध्यम से स्तन कैंसर से प्रभावित महिलाओं के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के साथ ही महिलाओं को स्तन स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान देने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने का संदेश दिया गया।
अस्पताल की यह पहल केवल प्रतीकात्मक रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्तन कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। साथ ही परिवारों और समाज को महिलाओं के स्तन स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने तथा बिना किसी डर, झिझक या सामाजिक संकोच के चिकित्सकीय सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
गुलाबी रोशनी स्तन कैंसर का उपचार करा रही महिलाओं, बीमारी से उबर चुकी महिलाओं और उनके परिवारों के लिए आशा, साहस और समर्थन का संदेश देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर प्रभावी उपचार और बेहतर परिणामों की संभावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों की टीम दे रही व्यापक कैंसर उपचार सुविधाएं
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट में अनुभवी कैंसर विशेषज्ञों की बहुविषयक टीम मरीजों की जरूरतों के अनुरूप उपचार उपलब्ध कराती है। यहां सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन के विशेषज्ञ मिलकर बीमारी की पहचान, उपचार की योजना, इलाज और नियमित फॉलो-अप तक समन्वित देखभाल प्रदान करते हैं।
अस्पताल की विशेषज्ञ टीम में डॉ. मौ रॉय, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं क्लिनिकल डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. रवि जायसवाल, वरिष्ठ मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष, मेडिकल ऑन्कोलॉजी; डॉ. गौरव गुप्ता, वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट एवं विभागाध्यक्ष, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी; डॉ. नवीन जैन, वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट; डॉ. नीरू केरकेट्टा, वरिष्ठ सलाहकार, न्यूक्लियर मेडिसिन; डॉ. अकेल्ला फणेंद्र और डॉ. रुचिर डाकड़, सलाहकार सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट शामिल हैं।
डर और झिझक छोड़कर समय पर लें चिकित्सकीय सलाह: डॉ. मौ रॉय
इस अवसर पर डॉ. मौ रॉय ने कहा कि स्तन कैंसर को डर और चुप्पी का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। महिलाओं को अपने स्तन स्वास्थ्य के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और किसी भी असामान्य बदलाव का अनुभव होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समय पर जांच से बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव हो सकती है, जब उपचार अधिक प्रभावी होने और बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहती है। हर महिला की कैंसर से जुड़ी स्थिति अलग होती है, इसलिए प्रभावी उपचार के लिए विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों का मिलकर काम करना जरूरी है। इसके साथ ही उपचार और स्वस्थ होने की प्रक्रिया के दौरान मरीजों को भावनात्मक सहयोग देना भी महत्वपूर्ण है।
डॉ. रॉय ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने शरीर में होने वाले बदलावों को समझें, किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें और विशेषज्ञ से सलाह लेने में देरी न करें।
आधुनिक उपचार पद्धतियों से मरीजों को मिल रहे नए विकल्प: डॉ. रवि जायसवाल
डॉ. रवि जायसवाल ने बताया कि स्तन कैंसर के उपचार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप उपचार पद्धतियों ने इलाज के नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने कहा कि बीमारी की शुरुआती पहचान और सही समय पर उचित उपचार मिलने से मरीजों के उपचार परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है। इसलिए जागरूकता के साथ-साथ समय पर चिकित्सकीय परामर्श और विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई जांच को प्राथमिकता देना जरूरी है।
आधुनिक रेडिएशन तकनीक से सटीक उपचार पर जोर: डॉ. गौरव गुप्ता
डॉ. गौरव गुप्ता ने बताया कि आधुनिक रेडिएशन थेरेपी के माध्यम से स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखने पर ध्यान देते हुए प्रभावित हिस्से का सटीक उपचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट में बाईं ओर के स्तन कैंसर से पीड़ित मरीजों के उपचार में एक्टिव ब्रीथ कोऑर्डिनेटर (ABC) तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक रेडिएशन के दौरान सांस के साथ होने वाली गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए हृदय पर विकिरण के प्रभाव को कम करने में मदद करती है, जिससे उपचार की सटीकता और सुरक्षा बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
अस्पताल से आगे समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल
रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट की इस पहल का उद्देश्य स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता को अस्पतालों और चिकित्सकों के परामर्श कक्षों तक सीमित न रखकर परिवारों, कार्यस्थलों और समुदायों तक पहुंचाना है। गुलाबी रोशनी के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि स्तन स्वास्थ्य पर ध्यान देना, समय पर जांच कराना और असामान्य बदलावों के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह के दौरान अस्पताल की यह पहल रायपुर में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्तन कैंसर से जुड़ी झिझक को दूर करने का प्रयास है। इसका मुख्य संदेश है कि जागरूकता के साथ समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार की दिशा में कदम उठाकर महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।







