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महासमुंद से एक साल पहले घर से निकला बेटा-बहू लापता, UP के ईंट-भट्ठे में जबरिया रोकने का आरोप; पिता ने लगाई गुहार

महासमुंद (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक साल पहले रक्षाबंधन पर घर से निकला बेटा अब तक वापस नहीं लौटा। परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा और बहू उत्तर प्रदेश के एक ईंट-भट्ठे में जबरिया रखे गए हैं और उन्हें वहां से वापस आने नहीं दिया जा रहा है। बेटे की कोई खबर नहीं मिलने और फोन बंद होने से परेशान पिता ने अब जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।
कलेक्टर जनदर्शन में सौंपी लिखित शिकायत
सरेकेल गांव के भगवान सिंह ध्रुव ने 13 अक्टूबर को कलेक्टर के जनदर्शन में लिखित शिकायत सौंपकर बेटे-बहू को सकुशल वापस लाने के साथ मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
एक साल पहले गए थे बेटा-बहू
भगवान सिंह ध्रुव का बेटा कुन्दन ध्रुव अपनी पत्नी के साथ पिछले साल रक्षाबंधन पर घर से गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों को जानकारी मिली कि कुन्दन और उसकी पत्नी उत्तर प्रदेश के एक ईंट-भट्ठे में काम के लिए गए थे, जहां उन्हें कथित तौर पर जबरिया रोककर रखा गया है। लंबे समय से घर नहीं लौटने और संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
फोन बंद, घरवालों की चिंता बढ़ी
पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि मिथिलेश बरिहा, सुलोचना बरिहा और थान बाई बरिहा की ओर से उनके बेटे को ईंट-भट्ठे में जबरिया रखे जाने की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि कुन्दन को वहां से वापस आने नहीं दिया जा रहा है। उसका मोबाइल फोन भी स्वीच ऑफ है। ऐसे में परिवार को यह तक पता नहीं चल पा रहा कि उनका बेटा और बहू किस हाल में हैं।
‘एक साल से बेटे की राह देख रहे हैं’
भगवान सिंह ध्रुव का कहना है कि रक्षाबंधन के बाद घर से निकला बेटा अब तक वापस नहीं आया है। एक तरफ बेटे से संपर्क नहीं हो पा रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके कथित तौर पर ईंट-भट्ठे में रोके जाने की जानकारी ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है। लंबे इंतजार के बाद पिता ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
परिजनों ने की ये मांग
उन्होंने कलेक्टर से शिकायत में नामजद लोगों के संबंध में जांच कराने, बेटे और बहू को कथित बंधन से मुक्त कराकर उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के साथ दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
जांच के बाद होगा मामला स्पष्ट
अब शिकायत के आधार पर प्रशासनिक जांच और संबंधित स्तर पर कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुन्दन और उसकी पत्नी किन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश पहुंचे और उन्हें वहां कथित तौर पर जबरिया रोके जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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