रायपुर (विश्व परिवार)। अनुसूचित जाति वर्ग के महार समाज वरिष्ठ नेता ओमेश जिभेकर ने सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम के विरुद्ध कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार और अनर्गल आरोपों की कड़े शब्दों में निंदा की है। ओमेश जिभेकर ने कहा कि मुद्दों के गंभीर संकट से जूझ रही कांग्रेस पार्टी अब संवैधानिक पदों की गरिमा को तार-तार करने और अराजकता फैलाने के एजेंडे पर उतर आई है।
महार समाज वरिष्ठ नेता ओमेश जिभेकर ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज से आने वाले एक वरिष्ठ और समर्पित नेता का इस प्रकार चरित्र हनन करना कांग्रेस की सामंतवादी और अनुसूचित जाति-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। जिस प्रकरण में न्यायालय द्वारा मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है और दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी दुष्यंत गौतम के खिलाफ बिना किसी आधार के भ्रामक प्रचार करने पर रोक लगाई हुई है, उस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार की भावनाओं का राजनीतिक दोहन करना अत्यंत शर्मनाक है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा केवल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए एक निराधार और फर्जी ऑडियो की आड़ में अनुसूचित जाति समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व की छवि धूमिल करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। ओमेश जिभेकर ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यह हजम ही नहीं कर पा रहा है कि भाजपा और एनडीए के शासनकाल में अनुसूचित जाति (अजा) वर्ग का निरंतर सशक्तिकरण और सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर प्रतिनिधित्व कैसे हो रहा है। ओमेश जिभेकर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल से लेकर वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार तक, भाजपा ने सदैव ‘अंत्योदय’ और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को साकार किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े ‘पंचतीर्थ’ का विकास कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी, वहीं स्टैंड-अप इंडिया, मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और करोड़ों वंचित परिवारों को बुनियादी सुविधाएं देकर अनुसूचित जाति वर्ग को आर्थिक व सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया।
ओमेश जिभेकर ने कहा कि कांग्रेस ने दशकों तक अनुसूचित जाति वर्ग को केवल वोट बैंक समझा, जबकि भाजपा-एनडीए सरकार ने उन्हें देश के सर्वोच्च शिखर पर आसीन किया। रामनाथ कोविंद को देश का राष्ट्रपति बनाना हो, या थावरचंद गहलोत, बेबी रानी मौर्य और अब दुष्यंत कुमार गौतम जैसे अनुसूचित जाति समाज से आने वाले जमीनी नेताओं को राज्यपाल के गरिमामयी पद पर नियुक्त करना हो, भाजपा ने सदैव वंचित समाज को नेतृत्व और सम्मान दिया है। ओमेश जिभेकर ने कहा कि जब भी अनुसूचित जाति या वंचित समाज का कोई व्यक्ति संवैधानिक शिखर पर पहुंचता है, तो कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के पेट में दर्द होने लगता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस अपने अराजक एजेंडे और झूठ की राजनीति से बाज आए। देश और प्रदेश का अनुसूचित जाति समाज कांग्रेस के इस अजा-विरोधी षड्यंत्र को भली-भांति समझ चुका है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से कांग्रेस को इसका मुंहतोड़ जवाब देगा।







