- नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने भजन और नाटक के माध्यम से दिया “बुराई पर अच्छाई की विजय” का संदेश
रायपुर (विश्व परिवार)। ब्रह्मविद द ग्लोबल स्कूल में दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी के नन्हे विद्यार्थियों की विशेष असेंबली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को दशहरा की पौराणिक कथा से परिचित कराना और इस पर्व के उत्सव का महत्व समझाना था।
भजनों से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री राम को समर्पित भक्ति गीतों से हुई। बच्चों ने “राम राम राम जय राजा राम, राम-राम जय सीताराम” तथा “हे राम हे राम, जग में साचो तेरो नाम” जैसे भजन प्रस्तुत किए, जिनसे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन
असेंबली का मुख्य आकर्षण रामायण के चार महत्वपूर्ण प्रसंगों पर आधारित नाटक रहा। नन्हे कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।
नाटक में निम्न प्रसंग प्रस्तुत किए गए
- अयोध्या नरेश राजा दशरथ द्वारा श्री राम को राजा घोषित करना और रानी कैकेई द्वारा राजा दशरथ को विवश कर राम को 14 वर्ष के वनवास पर भेजना।
- वनवास के दौरान रावण द्वारा सीता हरण।
- अशोक वाटिका में हनुमान जी की माता सीता से भेंट और उन्हें श्री राम का संदेश देना।
- भगवान श्री राम, लक्ष्मण और रावण के बीच युद्ध तथा श्री राम द्वारा रावण का वध।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
नाटक के समापन पर बच्चों ने संदेश दिया कि सत्य और धर्म की सदैव विजय होती है तथा बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली हो, अंततः उसकी पराजय निश्चित है। छोटे बच्चों की सहज और मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया।







