डोंगरगढ़/भोपाल (विश्व परिवार)। जैन धर्म के संत शिरोमणि परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज के 50वें आचार्य पदारोहण वर्ष 2021-22 के अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थापित ‘महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण’ की यात्रा सेवा, करुणा, अहिंसा और राष्ट्र चेतना के मूल्यों को समर्पित रही है। विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति, डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) द्वारा प्रदान किए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान के माध्यम से राष्ट्रीय सेवा, मानव कल्याण, विश्व शांति, शाकाहार, जीव दया और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को सम्मानित किया जाता है।
इस अलंकरण के अंतर्गत सम्मानित व्यक्ति या संस्था को स्वर्ण एवं रजत पदक, अभिनंदन पत्र और एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। सम्मान का उद्देश्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के जीवन-दर्शन, अहिंसा, संयम, करुणा, राष्ट्रीय चेतना और ‘जियो और जीने दो’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
पांच वर्षों में पांच विभूतियों और संस्थाओं को मिला सम्मान
वर्ष 2021: प्रथम अलंकरण उद्योगपति एवं आर.के. मार्बल वंडर ग्रुप के चेयरमैन अशोक पाटनी को प्रदान किया गया। उन्हें महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित गरीब परिवारों के लिए 200 मकान बनवाने, विधवा महिलाओं को आजीवन पेंशन देने और जरूरतमंद बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने जैसे जनकल्याणकारी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
वर्ष 2022: दूसरे अलंकरण से अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त समाजसेवी डॉ. प्रकाश आमटे को सम्मानित किया गया। वे अपनी पत्नी डॉ. मंदाकिनी आमटे के साथ आदिवासी समुदाय की सेवा और जीव दया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। लोकबिरादरी प्रकल्प के माध्यम से उनकी सेवाओं ने व्यापक पहचान बनाई है।
वर्ष 2023: तीसरा अलंकरण पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कैलाश मानव को प्रदान किया गया। ‘ट्री मैन’ के नाम से प्रसिद्ध कैलाश मानव ने पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के लिए लंबे समय तक कार्य किया है।
वर्ष 2024: चौथा अलंकरण गोवंश संरक्षण एवं जीव दया के लिए समर्पित दयोदय महासंघ, भोपाल को दिया गया। संस्था के माध्यम से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक गौशालाओं के संचालन तथा एक लाख से अधिक निराश्रित, घायल और बीमार पशुओं की सेवा किए जाने की जानकारी दी गई है। यह सम्मान समारोह रायपुर में आयोजित हुआ था।
वर्ष 2026: पांचवां महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को राष्ट्रव्यापी सेवाओं और राष्ट्र जागरण में योगदान के लिए प्रदान किया गया। आयोजक समिति के अनुसार, भोपाल में आयोजित समारोह परम पूज्य पट्टाचार्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के आशीर्वाद, सानिध्य और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें देशभर से संतों, विद्वानों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
सेवा, शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में सक्रिय है समिति
विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति, डोंगरगढ़ द्वारा स्थापित यह अलंकरण आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के आदर्शों को समाज में आगे बढ़ाने की पहल है। समिति शिक्षा, साहित्य, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। अलंकरण के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं के योगदान को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने समाज और राष्ट्र के हित में अनुकरणीय कार्य किए हैं।
समिति के अनुसार, इस सम्मान की परंपरा का मूल उद्देश्य मानव सेवा, जीवों के प्रति करुणा, पर्यावरण संरक्षण और नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना है।








