रायपुर (विश्व परिवार)। रानी लक्ष्मी बाई वार्ड के सक्रिय व लोकप्रिय पार्षद देवदत द्विवेदी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ और देश की राजनीति में अपनी जमीन पूरी तरह खो चुकी कांग्रेस अब खुद को जिंदा रखने के लिए पवित्र धार्मिक आयोजनों का सहारा ले रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान में कांग्रेस के पास न तो अपनी कोई राजनीतिक जमीन बची है और न ही उनका जमीन जिंदा है।
पार्षद देवदत द्विवेदी ने हाल ही में मोवा (Mowa) में आयोजित दुर्गा विसर्जन कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बांटे गए विवादित पर्चों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “दुर्गा विसर्जन जैसे पावन और आस्था के केंद्र रहे कार्यक्रम में कांग्रेसियों द्वारा राजनीतिक एजेंडा चलाना और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’, ‘रेजीम चेंज’ (Regime Change) व ‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे’ जैसी मांग वाले पर्चे बांटना बेहद शर्मनाक है। यह कृत्य साफ तौर पर दर्शाता है कि कांग्रेस अपनी करारी हार को अब तक पचा नहीं पाई है और यह सब उनकी हार की गहरी झल्लाहट व बौखलाहट को प्रदर्शित करता है।”
संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कांग्रेस का चरित्र:
श्री द्विवेदी ने कांग्रेस की नीति और नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से भ्रम की राजनीति करने में माहिर रही है। कांग्रेसी जिस संविधान को हाथ में लेकर दिन-रात उसकी दुहाई देते हैं, असल में उसी संविधान और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उन्हें रद्दी भर भी विश्वास नहीं है। निर्वाचन आयोग और अन्य सभी संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगाना और उन्हें बदनाम करना अब कांग्रेस का मुख्य काम रह गया है।
जनता समझ चुकी है टूलकिट की राजनीति:
पार्षद देवदत द्विवेदी ने क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे जितने भी नए-नए टूल लाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर ले, लेकिन अब उसकी दाल गलने वाली नहीं है। जनता कांग्रेस के इस चाल, चरित्र और भ्रम फैलाने वाले चेहरों को भली-भांति समझ चुकी है। आस्था के मंचों का राजनीतिकरण करने वालों को जनता आने वाले समय में और करारा जवाब देगी।








