रुद्रप्रयाग (विश्व परिवार)। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में मानसून सक्रिय होने के बीच रुद्रप्रयाग प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा अब तक सुचारु रूप से जारी है और अब तक 12 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में बारिश लगातार बढ़ रही है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम यातायात व्यवस्था, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और केदारनाथ मंदिर क्षेत्र की कैमरों के जरिए लगातार निगरानी कर रही है। साथ ही यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था भी की गई है ताकि श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।
विशाल मिश्रा ने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है, वे अपनी जरूरी दवाइयां अपने साथ रखें। लगातार बारिश को देखते हुए रेनकोट और अन्य जरूरी सुरक्षा सामान साथ ले जाना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखें और प्लास्टिक का उपयोग न करें। प्रशासन मानसून के दौरान संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन के अनुसार मानसून के दौरान केदारनाथ धाम की यात्रा अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है क्योंकि इस समय भूस्खलन, मलबा गिरने और पत्थर गिरने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए कई संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
केदारनाथ हाईवे पर सिरोबगड़, बंसवाड़ा, जामू और मुंकटिया को भूस्खलन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। वहीं ट्रेकिंग मार्ग पर कुबेर ग्लेशियर, रामबाड़ा, भीमबली और लिनचोली को डेंजर जोन घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
इस बीच उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि राज्य सरकार ने चार धाम यात्रा मार्ग से जुड़े सभी जिलों हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में व्यापक तैयारियां की हैं।
सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ समन्वय सुनिश्चित किया है। मुख्यमंत्री स्वयं यात्रा व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी कर रहे हैं।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अधिकारियों के साथ सहयोग करें ताकि मानसून के बीच केदारनाथ यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से जारी रह सके।







