नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्र सरकार ने उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त किया है। वहीं, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ श्रीधर पाणिक्कर को भी बोर्ड में नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वेंणु श्रीनिवासन का गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में कार्यकाल समाप्त कर दिया गया है।
RBI ने सोमवार, 24 अगस्त को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में अलग से जनमेजय कुमार सिन्हा, सैयद अकबरुद्दीन और एनी जॉर्ज मैथ्यू को भी केंद्रीय बोर्ड में अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशक नियुक्त किए जाने की जानकारी दी। इन तीनों की नियुक्ति 24 अगस्त 2026 से चार साल के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी होगी।
आनंद महिंद्रा को पहली बार जून 2022 में श्रीनिवासन, पंकज रमनभाई पटेल और रवींद्र एच. ढोलकिया के साथ RBI के केंद्रीय बोर्ड में नियुक्त किया गया था। महिंद्रा को अब एक और चार साल के कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त किया गया है, जबकि श्रीनिवासन को नया कार्यकाल नहीं दिया गया है।
श्रीनिवासन की शुरुआती चार साल की नियुक्ति जून 2022 से जून 2026 तक निर्धारित थी। सरकार के नियुक्ति आदेश के अनुसार निदेशक चार साल या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, पद पर बने रह सकते थे। केंद्र द्वारा बोर्ड के हालिया पुनर्गठन तक श्रीनिवासन पद पर बने रहे।
सोमनाथ को अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में चार साल के लिए नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति और महिंद्रा की पुनर्नियुक्ति RBI बोर्ड के गैर-आधिकारिक निदेशकों की नई संरचना का हिस्सा है।
पुनर्गठन के तहत पंकज रमनभाई पटेल और रवींद्र एच. ढोलकिया का कार्यकाल भी समाप्त कर दिया गया है। दोनों को 2022 में महिंद्रा और श्रीनिवासन के साथ बोर्ड में नियुक्त किया गया था। नई संरचना में उस समूह से केवल महिंद्रा को बरकरार रखा गया है, जबकि सोमनाथ समेत नए गैर-आधिकारिक निदेशकों को शामिल किया गया है।
RBI की ताजा घोषणा के साथ सिन्हा, अकबरुद्दीन और मैथ्यू भी 24 अगस्त से चार साल के लिए केंद्रीय बोर्ड का हिस्सा बन गए हैं।
इन बदलावों के बाद RBI के केंद्रीय बोर्ड का आकार 15 से घटकर 14 सदस्य हो गया है। यह केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया पुनर्गठन के तहत बोर्ड के आकार में कमी को दर्शाता है।







