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जीएसटी की व्यावहारिक दिक्कतों पर चेम्बर ने उठाई आवाज, मुख्य आयुक्त को सौंपा 6 सूत्रीय ज्ञापन

रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों को जीएसटी प्रशासन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं से राहत दिलाने के लिए छह प्रमुख मांगें उठाई हैं। चेम्बर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन और प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 14 अक्टूबर 2026 को राज्य स्तरीय शिकायत निवारण समिति की बैठक के दौरान सीजीएसटी भोपाल जोन के मुख्य आयुक्त मानस आर. मोहंती को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्टील, राइस मिलिंग, प्लास्टिक, विनिर्माण उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को हो रही परेशानियों का उल्लेख करते हुए नियमों के व्यावहारिक क्रियान्वयन और एकरूपता की मांग की गई।

आईटीसी ब्लॉक करने से लेकर भारी पेनल्टी तक के मुद्दे उठाए

चेम्बर ने मांग की कि सप्लाई चेन में किसी पिछले आपूर्तिकर्ता की टैक्स चूक के कारण बैंकिंग माध्यम से पूरा भुगतान करने वाले वास्तविक खरीदारों का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) ब्लॉक नहीं किया जाना चाहिए। चेम्बर का कहना है कि ऐसी स्थिति में पहले मूल डिफॉल्टर से वसूली की जानी चाहिए।

प्लास्टिक, पाइप और अन्य विनिर्माण इकाइयों की कार्यशील पूंजी से जुड़ी समस्या उठाते हुए इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में रिफंड व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की गई। वहीं, राइस मिलिंग में कस्टम मिलिंग से जुड़े उप-उत्पादों, जैसे ब्रान और हस्क, तथा जॉब वर्क को लेकर अलग-अलग अधिकारियों की व्याख्याओं पर एक समान केंद्रीय दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी रखी गई।

ई-वे बिल की मामूली गलती पर भारी जुर्माने का विरोध

ज्ञापन में ई-वे बिल में मामूली मानवीय त्रुटि या वाहन खराब होने जैसी परिस्थितियों में धारा 129 के तहत माल जब्त करने और 200 प्रतिशत तक पेनल्टी लगाने की कार्रवाई पर चिंता जताई गई। चेम्बर ने संबंधित सर्कुलर के अनुरूप ऐसे मामलों में परिस्थितियों के अनुसार मामूली शास्ति लगाने की मांग की।

इसके अलावा, शुरुआती जांच के दौरान चालू उद्योगों के बैंक खाते कुर्क या फ्रीज करने की कार्रवाई पर रोक लगाने और बार-बार ऑडिट व नोटिस से राहत देने के लिए साल में एक बार संयुक्त इंटीग्रेटेड ऑडिट व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया।

जीएसटी रिटर्न में देरी पर दोहरी पेनल्टी का मुद्दा

चेम्बर ने GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने में देरी के मामलों में धारा 47 के तहत लेट फीस जमा करने के बाद धारा 125 के अंतर्गत ₹50 हजार तक की सामान्य शास्ति के नोटिस जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई। प्रतिनिधिमंडल ने ऐसे मामलों में व्यापारियों को राहत देने और अनुचित दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

मुख्य आयुक्त ने दिया सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन

बैठक में सीजीएसटी भोपाल जोन के मुख्य आयुक्त मानस आर. मोहंती, प्रधान आयुक्त पराग सी. बोरकर, संयुक्त आयुक्त अमित चंदेल, अरविंद कुमार, सोनल के. मिश्रा और भावना अली सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र के. मीना और विशेष आयुक्त तरन्नुम वर्मा भी बैठक में शामिल हुए।

चेम्बर के अनुसार, मुख्य आयुक्त ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर चेम्बर के प्रदेश कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, वाइस चेयरमैन सीए चेतन तरवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी और सीए विजय गोयल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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