देशनई दिल्ली

हरिवंश सिंह ने राष्ट्र निर्माण के दायित्व को निभाया, युवाओं का किया मार्गदर्शन: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण सिंह के दोबारा निर्वाचन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। राज्यसभा में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि लगातार इस पद पर चुना जाना सदन के उनके प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक है। यह उनके अनुभव, सहज कार्यशैली और सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता की स्वीकृति भी है।
सदन संचालन में प्रभावी नेतृत्व
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश सिंह के नेतृत्व में सदन की कार्यवाही अधिक प्रभावी हुई है। वे केवल संचालन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि अपने समृद्ध अनुभवों से सदन को दिशा भी देते हैं। उनका संतुलित दृष्टिकोण और परिपक्वता सदन के वातावरण को गरिमामय बनाती है।
चंद्रशेखर जयंती से जुड़ा विशेष संयोग
पीएम मोदी ने बताया कि 17 अप्रैल का दिन विशेष है, क्योंकि इसी दिन पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जन्मजयंती होती है। ऐसे दिन हरिवंश सिंह का तीसरी बार इस दायित्व को संभालना एक महत्वपूर्ण संयोग है। उन्होंने चंद्रशेखर के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में योगदान
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि हरिवंश सिंह का सार्वजनिक जीवन केवल संसदीय कार्यों तक सीमित नहीं रहा है। पत्रकारिता में भी उन्होंने उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। उनकी लेखनी में दृढ़ता और व्यवहार में सौम्यता झलकती है। वे गहराई से अध्ययन कर अपने विचार रखते हैं, जो सभी के लिए प्रेरणादायक है।
युवाओं के मार्गदर्शक के रूप में भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश सिंह नए सांसदों और युवाओं के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। संसदीय मर्यादा, अनुशासन, समय की पाबंदी और कर्तव्यनिष्ठा उनके व्यक्तित्व की विशेषताएं हैं। वे सदन में नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और हर चर्चा को गंभीरता से सुनते हैं।
युवाओं से संवाद और राष्ट्रीय दृष्टि
पीएम मोदी ने बताया कि 2018 से अब तक हरिवंश सिंह ने देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सैकड़ों कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं से संवाद किया है। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए निरंतर मार्गदर्शन दिया है।
शिक्षा, शोध और नवाचार को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश सिंह ने अपने संसदीय संसाधनों का उपयोग शिक्षा, शोध और नवाचार के लिए किया। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना में भारतीय भाषाओं और भूकंप इंजीनियरिंग के अध्ययन केंद्रों की स्थापना में सहयोग किया। साथ ही, चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में इनोवेशन और इनक्यूबेशन सेंटर तथा मगध विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र की स्थापना में भी योगदान दिया।
संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में भूमिका
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नए संसद भवन के निर्माण के दौरान भी हरिवंश सिंह का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने सदन की पहचान, कला और द्वारों के नामकरण जैसे विषयों पर गहराई से कार्य किया। साथ ही, राज्यों की विधानसभाओं के संचालन और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छाप
पीएम मोदी ने कहा कि कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन जैसे मंचों पर भी हरिवंश सिंह ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।

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