नई दिल्ली (विश्व परिवार)। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से द्विपक्षीय मुलाकात की। यह बैठक क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आर्मेनियाई प्रधानमंत्री से पहले हुई वार्ता
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने पश्चिम एशिया समेत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आर्मेनिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुतिन से मुलाकात और नोमैड गेम्स में शामिल होने की योजना
इसके बाद के कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा वे किर्गिज़ राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर छठे विश्व नोमैड गेम्स के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
ईरानी राष्ट्रपति का बयान
बिश्केक रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी आक्रामकता का मजबूती और दृढ़ संकल्प के साथ जवाब देगा। उन्होंने क्षेत्र में अस्थिरता को सभी देशों के लिए नुकसानदायक बताया और आर्थिक तथा सुरक्षा लक्ष्यों के लिए एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने एससीओ बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वैश्विक मंच पर विविध और स्वतंत्र आवाजों का प्रतीक है। क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सभ्यता का जिक्र करते हुए उन्होंने संवाद, सह-अस्तित्व और विकास की परंपरा को आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
मार्च में हुई पिछली बातचीत का जिक्र
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेशकियन के बीच बातचीत हुई थी। उस समय ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्र की स्थिति पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति से सुलझाने के भारत के रुख को दोहराया था। उन्होंने ईरान सहित क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा-सामान की निर्बाध आवाजाही को प्राथमिकता बताया था।
मंगलवार को होगा मुख्य शिखर सम्मेलन
मंगलवार को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श होगा। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई और द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। बिश्केक में चल रहे इस कूटनीतिक दौर में भारत मध्य एशिया और पश्चिम एशिया दोनों क्षेत्रों से अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिख रहा है।







