नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को उत्तर मैसेडोनिया की राष्ट्रपति डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ राजधानी स्कोप्जे स्थित विला वोड्नो में व्यापक द्विपक्षीय चर्चा की। दोनों ने भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी दी। राष्ट्रपति मुर्मु की यह मुलाकात भारत और उत्तर मैसेडोनिया के बीच राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। दोनों देशों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
राष्ट्रपति मुर्मु मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की अपनी राजकीय यात्राओं के दूसरे चरण में सोमवार शाम (20 जुलाई, 2026) स्कोप्ये, उत्तर मैसिडोनिया पहुंचीं। किसी भारतीय राष्ट्रपति की उत्तर मैसिडोनिया की यह पहली यात्रा है। स्कोप्ये अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचने पर, उत्तर मैसिडोनिया के विदेश कार्य एवं विदेश व्यापार मंत्री, टिम्को मुकुन्स्की ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस राजकीय यात्रा पर राष्ट्रपति के साथ निमुबेन जयंतीभाई बांभणिया, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री, डॉ. दिनेश शर्मा, राज्य सभा सांसद और विजय बघेल, लोकसभा सांसद भी गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु आज मंगलवार को अपने कार्यक्रमों की शुरुआत विला वोडनो के दौरे से की। विला वोडनो उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास-सह-कार्यालय है। वहां उत्तर मैसिडोनिया की राष्ट्रपति, महामहिम डॉ. गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा ने राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया। आमने-सामने की बैठक और प्रतिनिधिमंडल स्तरीय बातचीत के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी विषयों पर चर्चा की, और आपसी हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित गहरे एवं मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के प्रति भरोसा जताया।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत और उत्तर मैसेडोनिया के द्विपक्षीय संबंधों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने आईटी/आईटीईएस, कृषि, फ़ूड प्रोसेसिंग, फ़ार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल और बायोटेक, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी, और फ़िल्म निर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर ज़ोर दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि सांस्कृतिक संबंध और लोगों के बीच आपसी संबंध हमेशा से हमारे द्विपक्षीय रिश्तों के मजबूत स्तंभ रहे हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि क्रिएटिव इंडस्ट्री के क्षेत्र में सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
उन्होंने कहा कि भारत इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए), कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस जैसी पहलों के जरिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना चाहता है। राष्ट्रपति ने इन पहलों से जुड़ने की उत्तर मैसिडोनिया की मंशा का स्वागत किया और कहा कि इन अंतरराष्ट्रीय पहलों में भाग लेने से उत्तर मैसिडोनिया को नवीकरणीय ऊर्जा और आपदा-रोधी क्षमता को बढ़ावा देने के लिए विश्व की सर्वश्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों और तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति ने उत्तर मैसिडोनिया के लिए इंडियन टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन (आईटीईसी) ट्रेनिंग स्लॉट की संख्या दोगुनी करने के भारत के निर्णय की घोषणा की; इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि यह दौरा भारत और उत्तर मैसिडोनिया के बीच बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करेगा और आने वाले वर्षों में इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।







