रायपुर (विश्व परिवार)। आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के तहत रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड स्थित जोन 10 अमलीडीह कार्यालय परिसर में आरआरआर सेंटर नए स्वरूप में प्रारंभ किया गया। वहां पहुंचकर नगर निगम के जोन 10 के आरआरआर सेंटर का नए स्वरूप में लोकार्पण कर शुभारंभ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने जोन 10 जोन अध्यक्ष सचिन बी. मेधानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद सुषमा तिलक साहू, विनय पंकज निर्मलकर, गायत्री नौरंगे, मनोज जांगड़े, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, जोन 10 जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर, उपअभियंता राहुल थरानी, निवृत्ति गौतम, निगम मुख्यालय स्वच्छ भारत मिशन शाखा उपअभियंता कृष्णा राठी, संस्कार शर्मा, जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी अमित बेहरा, स्वच्छता निरीक्षक अनिल झा एवं वंदना महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं और आमजनों की उपस्थिति में किया।
इस नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई-बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है, जो नगर निगम जोन क्रमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डों में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुओं का संग्रहण करेगा। इन वस्तुओं को समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना एवं स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 के अंतर्गत उपलब्ध कराया जाएगा।
इस नए स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था भी की गई है। महिलाएं इस पर कार्य कर रोजगार प्राप्त कर सकेंगी तथा आवश्यक प्रशिक्षण भी हासिल कर सकेंगी। यहां आरआरआर सेंटर का संचालन वंदना महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। साथ ही बर्तन बैंक और झोला बैंक की व्यवस्था भी की गई है।

अलग-अलग आलमारियों में पुराने कपड़े, जूते-चप्पल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, पुराने बर्तन, प्लास्टिक सामग्री एवं अन्य अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था की गई है, ताकि नागरिक आसानी से यहां अपनी उपयोग में नहीं आने वाली वस्तुएं जमा कर सकें। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनः उपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलती है।
आरआरआर सेंटरों में नागरिकों द्वारा दान की गई उपयोग योग्य वस्तुओं की मरम्मत कर उन्हें जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। वहीं जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होती, जैसे पुराने कपड़े आदि, उन्हें स्व-सहायता समूह की महिलाएं पुनर्चक्रित कर झोले, थैले और अन्य उपयोगी उत्पादों में बदलती हैं। शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लिंग इकाइयों को भेजा जाता है, जिससे वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होता है।
महापौर मीनल चौबे ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करें। उनके इस छोटे से प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान भी लाई जा सकेगी।







