देशनई दिल्ली

पीएम मोदी की मौजूदगी में भारत-इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौते, ब्रह्मोस मिसाइल आपूर्ति पर लगी मुहर

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत और इंडोनेशिया ने मंगलवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण करार किया। इस समझौते से दोनों देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी, वहीं भारत की घरेलू रक्षा विनिर्माण (डिफेंस) इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ, जो उनकी तीन देशों की यात्रा का पहला चरण है।
‘अस्त्र’ मिसाइल खरीदने पर भी सहमति
इंडोनेशिया ने भारत में विकसित ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने पर भी सहमति जताई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित ‘अस्त्र’ एक ‘बियॉन्ड-विजुअल-रेंज’ मिसाइल है, जिसे तेजी से दिशा बदलने वाले दुश्मन के विमानों को ट्रैक कर नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है। भारत द्वारा इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियां भी उपलब्ध कराए जाने की संभावना है।
रक्षा और समुद्री सहयोग होगा मजबूत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भी समझौता किया है।
स्वास्थ्य और खनिज क्षेत्र में भी बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए समझौतों से इंडोनेशिया के नागरिकों को भारत की उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती दवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। भारत वहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता निर्माण में भी सहयोग करेगा। इसके अलावा दोनों देशों ने स्टील सप्लाई चेन के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी समझौता किया है, जिससे आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
ईवीएम तकनीक में भी करेगा सहयोग
भारत इंडोनेशिया के लिए विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) विकसित करने में भी सहयोग करेगा और चुनावी तकनीक के क्षेत्र में अपना अनुभव साझा करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च सम्मान
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक एवं सैन्य सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया। वर्ष 1959 में शुरू किया गया यह सम्मान असाधारण सेवा के लिए प्रदान किया जाता है और यह प्रधानमंत्री मोदी को विदेशों में मिले सर्वोच्च सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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