नई दिल्ली (विश्व परिवार)। संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए उम्मीद जताई कि पूरा सत्र सार्थक और उत्पादक रहेगा। उन्होंने कहा कि जैसे सक्रिय मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, वैसे ही उत्पादक मानसून सत्र भी राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रधानमंत्री ने सभी दलों से संसद के सुचारू संचालन और रचनात्मक चर्चा में सहयोग की अपील की।
मानसून और संसद की उत्पादकता की तुलना
प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे मानसून हो या मानसून सत्र, जब दोनों सक्रिय होते हैं तो उनका लाभ पूरे देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि सभी की प्रार्थना होनी चाहिए कि मानसून भी सक्रिय रहे और संसद का मानसून सत्र भी उत्पादक साबित हो, ताकि देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक निर्णय लिए जा सकें।
देश की उपलब्धियों पर जताया गर्व
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष क्षेत्र में कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन्होंने प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित किया है। उन्होंने भारतीय युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्टार्टअप संस्कृति और नवाचार के बल पर देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की सफलता का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिक की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंच और निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप स्काईरूट की हालिया उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत का परचम लहराया है। उन्होंने कहा कि कम उम्र के नवप्रवर्तकों ने यह साबित किया है कि भारत के युवाओं की क्षमता और आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह असीमित हैं।
सुधारों का बताया परिणाम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार के सुधारों और नीतिगत बदलावों का ही परिणाम है कि देश के युवा बड़े जोखिम उठाकर नई सफलताएं हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुकूल वातावरण मिलने से नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिली है, जिसका लाभ देश को मिल रहा है।
बुनियादी ढांचे और तकनीकी परियोजनाओं का किया जिक्र
पीएम मोदी ने राजस्थान में नई तेल रिफाइनरी, देश के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और दुनिया की सबसे लंबी एवं सबसे शक्तिशाली हरित हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।
पश्चिम एशिया संकट के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश के लिए बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की आपूर्ति पर दबाव के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जो देश की क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
संसद में रचनात्मक बहस की अपील
पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से संसद के सुचारू संचालन में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की अपेक्षा है कि संसद में सार्थक चर्चा हो और राष्ट्रहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां ठोस तथ्य और तर्क होते हैं, वहां व्यवधानों की कोई जगह नहीं होती और शांतिपूर्ण वातावरण में भी प्रभावी तरीके से अपनी बात रखी जा सकती है।







