देशनई दिल्ली

विकसित भारत’ की दिशा युवा तय करेंगे, लगातार सीखते रहना सफलता की कुंजी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि युवाओं का जीवन और उनके फैसले भारत की ‘विकसित भारत’ बनने की यात्रा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि युवा अगले 30 से 35 वर्षों में जो भी करेंगे, उसका प्रभाव देश की प्रगति और भविष्य पर पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने तेजी से बदलती दुनिया के बीच युवाओं को लगातार सीखते रहने की सलाह देते हुए कहा कि जो सीखते रहेंगे, वही सफल होंगे।
तेजी से बदल रहे वैश्विक रणनीतिक समीकरण
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और वैश्विक शक्ति संतुलन में लगातार परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी ताकत तकनीक की तेज रफ्तार है।
बदलाव के दौर में चुनौतियों के साथ अवसर भी
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई निश्चित तौर पर नहीं बता सकता कि अगले 20 से 30 वर्षों में दुनिया कैसी होगी। हालांकि, बदलाव का हर दौर चुनौतियों के साथ नए अवसर भी लेकर आता है। दुनिया बदलेगी, तकनीक आगे बढ़ेगी, उद्योगों का विस्तार होगा और पेशे भी बदलेंगे, लेकिन लगातार सीखते रहना सफलता की कुंजी होगी।
युवाओं के हर फैसले का देश पर पड़ेगा असर
पीएम मोदी ने कहा कि हर पीढ़ी अपने समय की विशेष चुनौतियों का सामना करती है और उसकी अपनी राष्ट्रीय जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह विचार करना चाहिए कि उनके फैसले देश के लिए किस तरह उपयोगी होंगे और वे राष्ट्र की किन जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं।
शोध और नवाचार में युवाओं के लिए बढ़ रहे अवसर
प्रधानमंत्री ने युवा स्नातकों के लिए शोध और नवाचार को महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने और देश के अनुसंधान तंत्र को मजबूत करने के लिए कई पहल शुरू की हैं।
रिसर्च सेक्टर में एक लाख करोड़ रुपए की व्यवस्था
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को शोध के अवसर मिल रहे हैं। नई अवधारणाओं को आगे बढ़ाने के लिए ‘रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन स्कीम’ शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि देश में विज्ञान और अनुसंधान को नई गति देने के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की गई है और शोध क्षेत्र के लिए एक लाख करोड़ रुपए तक की फंडिंग की व्यवस्था की जा रही है।
‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ से शोध सामग्री तक पहुंच
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन’ पहल के जरिए प्रतिष्ठित वैश्विक शोध पत्रिकाएं देश के छोटे से छोटे शहरों तक बिना किसी अतिरिक्त लागत के पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की युवा प्रतिभाओं को ज्ञान, शोध संसाधनों और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए जरूरी अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
3,000 से अधिक छात्रों को मिली डिग्री
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में 587 पीएचडी शोधार्थियों समेत 3,000 से अधिक छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। प्रधानमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को संस्थान के प्रतिष्ठित अकादमिक सम्मान भी प्रदान किए। इनमें प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल, डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल, शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल और परफेक्ट टेन गोल्ड मेडल शामिल हैं।
‘परम प्रज्ञा’ सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने IIT दिल्ली के सोनीपत परिसर में एआई आधारित हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इस सुविधा से संस्थान की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, उन्नत कंप्यूटिंग और अंतरविषयक शोध के क्षेत्र में क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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