नई दिल्ली (विश्व परिवार)। नीट पेपर लीक को लेकर संसद से सड़क तक घमासान मचा है। नीट पेपर लीक पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर विपक्ष संसद में हंगाम कर रहा है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन की लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है। विपक्ष ने NEET पेपर लीक पर चर्चा की मांग पर अड़ा है।
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सियासी संग्राम छिड़ा है। जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के प्रोटेस्ट और संसद मार्च की तैयारियों के बीच विपक्ष भी आक्रामक हो गया है। विपक्षी दलों ने मानसून सत्र के दूसरे दिन भी इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में दूसरे दिन भी यह मुद्दा उठाया। खरगे ने कहा कि देश अराजकता की ओर, सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कल एक घटना हुई। उन्होंने कहा कि उस घटना में हमारे जो छात्र पेपर लीक और नीट परीक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं, उनके ऊपर लाठीचार्ज किए। आंसू गैस के गोले दागे, उनको मारा। खड़गे ने कहा कि आज कई हॉस्पिटल में हैं, सुनना चाहिए। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बाहर मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा हैहमने संसद में अन्याय, उत्पीड़न और बनाए जा रहे दबाव के मुद्दे को उठाने का समय मांगा था। लेकिन जैसे ही मैंने बोलना शुरू किया, मेरा माइक बंद कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि चर्चा करने का मौका दो। हम चाहते हैं कि इस पर बात हो कि क्यों छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। सरकार खुद उकसा रही है कि देश में अराजकता हो और फिर लाठीचार्ज किया जाए। मारा जाए और डराकर उनको जेल में डाला जाए। खरगे ने कहा कि ये अराजकता जनता या विपक्ष नहीं, सरकार कर रही है।राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि कल सांसदों को जेल की तरह अंदर रखा गया। जब सांसदों को सुरक्षा नहीं है, तो किसको है। हम इसकी निंदा करते हैं। सरकार की ओर से इस दावे कि सरकार युवाओं के साथ है, इस बयान पर खड़गे ने तंज करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के साथ है लाठीचार्ज करने के लिए, बच्चियों के कपड़े फाड़ने के लिए, टोंट मारने के लिए साथ है।







