- नेहरू नगर के ‘ड्राई ड्रग्स डॉन’ का अंत
रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ चल रही जंग में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने कालीबाड़ी नेहरू नगर इलाके में लंबे समय से जमे अवैध नशे के साम्राज्य को ध्वस्त करते हुए कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मुकेश बनिया और उसके भाई संजू को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के कब्जे से 6 किलो 119 ग्राम गांजा, 2400 नग अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का सिरा 24 फरवरी की कार्रवाई से जुड़ा, जब सिटी कोतवाली पुलिस ने नेहरू नगर नरैया तालाब क्षेत्र में गांजा की फुटकर बिक्री करते हुए अब्दुल जाफर और सुनील जगत को रंगे हाथों पकड़ा था। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर कालीबाड़ी क्षेत्र में नाले के पास बने एक हाईटेक हाइडआउट पर दबिश दी गई। यहां से करीब 7 किलो 397 ग्राम गांजा, भारी मात्रा में प्लास्टिक झिल्ली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, वाई-फाई उपकरण, सीसीटीवी कैमरे और मोशन सेंसर बरामद हुए। पुलिस के अनुसार यह अड्डा कार्रवाई से बचने के लिए आधुनिक तकनीक से लैस किया गया था। अब्दुल जाफर के खिलाफ पहले से 11 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
इसके बाद 25 और 26 फरवरी की दरम्यानी रात मुखबिर की सूचना पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिटी कोतवाली थाना की संयुक्त टीम ने नरेश्वर मंदिर, नरैया तालाब क्षेत्र में सुनियोजित दबिश दी। इसी कार्रवाई में लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य सरगना मुकेश बनिया अपने भाई संजू के साथ धर दबोचा गया। बताया जा रहा है कि मुकेश बनिया लगातार मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और उड़ीसा में ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया।
आपराधिक इतिहास खंगालने पर मुकेश बनिया के खिलाफ 31 से अधिक मामले दर्ज पाए गए हैं, जिनमें हत्या, आम्र्स एक्ट, गुंडागर्दी, मारपीट, अवैध शराब बिक्री और एनडीपीएस एक्ट के गंभीर अपराध शामिल हैं। उसका भाई संजू के खिलाफ भी 15 से ज्यादा आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जिनमें आम्र्स एक्ट, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और चोरी जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों भाई कालीबाड़ी नेहरू नगर क्षेत्र में खुद को माफिया बताकर दहशत फैलाते थे।
आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(द्बद्ब)(बी), 21(बी) और आम्र्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।





