- कांग्रेस सदस्यों ने गर्भगृह में धरना, जमकर की नारेबाजी
- छग में अफीम की खेती होना शर्मनाक
- नेता प्रतिपक्ष अफीम की खेती करने वालों को सत्ता का संरक्षण -भूपेश बघेल
- अजय चंद्राकर ने विपक्षा के आरोपों का किया जोरदार खंडन
रायपुर (विश्व परिवार)। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तीखी नोंकझोंक हुई। सभापति धरमलाल कौशिक ने स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया। जिसके कारण विपक्ष गर्भगृह में आए गये वे स्वयं निलंबित हो गये। इसके पश्चात में सदन में जमकर नारेबाजी करने लगे।
विस में आज दुर्ग जिले में अफीम की खेती को लेकर सदन में पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने एक स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से यह मामला सदन में उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खेती करने वाला एक रसूखदार भाजपा नेता है। जिसे सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। भाजपा के अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि यह खेती कांग्रेस के कार्यकाल में हो रही थी जिसे अभी पकड़ा गया है। जिसको लेकर विपक्ष राजनीति कर रहा है।
विस में आज नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले में मादक पदार्थ की खेती होना चर्चा का विषय है। जिसके कारण छग का नाम बदनाम हो रहा है। यहां पर अब धान का कटोरा नहीं है। यह नशा का कटोरा होता जा रहा है। कांग्रेस के भूपेश बघेल ने कहा कि कलेक्टर ने अपने रिपोर्ट में बताया कि यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का है। जबकि पुलिस के एफआईआर में राजस्थान के तीन नौकरों को आरोपी बनाया गया है। चौथा नाम विनायक ताम्रकार का है। जिसके कारण विनायक ताम्रकार को सत्ता पक्ष संरक्षण दे रहा है। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने तीखी नोंकझोंक हुई। कांग्रेस की संगीता सिन्हा विक्रम मंडावी, रामकुमार यादव एवं लखेश्वर बघेल ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि छग में अफीम की खेती होना शर्मनाक है। सभापति धरमलाल कौशिक ने विपक्ष द्वारा किये गये स्थगन प्रस्ताव को पढक़र सुनाया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने दुर्ग में दुर्ग पुलिस को द्वारा इस संबंध में कार्रवाई की गई है। इस पर तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि राजस्व अधिकारी आबकारी विभाग तथा अन्य वस्तुस्थिति की जानकारी ली। सदन में इसको लेकर चर्चा जारी है। घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में तीन पौधे भी जब्त किये गये है। अपने व्यतव्य में गृहमंत्री ने कहा कि शासन इस संबंध में ठोस कार्रवाई कर रही है। मादक पदार्थों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। सभी जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है। एमडीपीएफ के तहत विवेचनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। मीडिया के माध्यम से नशामुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तीखी नोंकझोंक हुई। सभापति धरमलाल कौशिक ने स्थगन प्रस्ताव अग्राह्य कर दिया। जिसके कारण विपक्ष गर्भगृह में आए गये वे स्वयं निलंबित हो गये। इसके पश्चात में सदन में जमकर नारेबाजी करने लगे।





