रायपुर (विश्व परिवार)। आज प्रथम तीर्थंकर आदि ब्रम्हा 1008 आदिनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक सारे देश व विदेश स्थित जिन मंदिरों मे बड़े ही धूमधाम से मनाया गया।
प्रातः सभी मंदिरों मे भगवान आदिनाथ जी का अभिषेक व उनकी मूरत पर बीजाक्षरों युक्त शांतिधारा विश्व शांति व सभी प्राणिमात्र के जीवन मे सुख शांति व समृद्धि की कामना से की गयी, कई स्थानों मे प्रभात फेरी के रूप मे श्रावक श्राविकाओं ने जियो और जीने दो के सन्देश समाज को दिया।
आज रायपुर के विभिन्न मंदिरों मे भी कार्यक्रम आयोजित कर भगवान का जन्म व तप कल्याणक मनाया गया।
अशोका रतन स्थित 1008 श्री शान्तिनाथ जिनालय मे प्रातः 6.45 बजे विराजमान 1008 मूलनायक श्री शान्तिनाथ भगवान, श्री नेमिनाथ भगवान, श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान की पाषाण की मनोहारी मूरत पर प्रक्षाल किया गया।
अष्ट धातु की मूरत 1008 श्री अजीतनाथ, श्री शान्तिनाथ जी, वर्तमान शासन नायक श्री महावीर भगवान की मूरत मे प्रक्षाल अभिषेक किया गया।
1008 श्री आदिनाथ भगवान की मूरत को वेदी से पाण्डुकशिला पर विराजमान कर प्रथम कलश , चतुर्थ कलश से मन्त्रोंचार द्वारा अभिषेक किया गया, वृहद शांतिधारा की गयी।
जन्मभिषेक आरती की गयी, संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर 108 श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के चरणों का अभिषेक कर आरती की गयी।
नित्य नियम की पूजा के बाद 1008 श्री आदिनाथ की पूजा की गयी।
शन्तिधारा का पठन ऋचा संदीप जैन ने किया।
संध्याकालीन आरती के पश्चात भक्तामर के पाठ के साथ 48 दीपों से आरती का भी आयोजन किया जाना है,
इस अवसर पर समाज के प्रमुख प्रकाशचंद राजनांदगाव, दीपक जैन,अरविन्द जैन, संदीप जैन, अमित जैन, अंशु जैन, राशु बड़जात्या,अंश जैन, इलेक्ट्रोनिक मिडिया के स्टार जैन, एवं महिलाओं मे विद्या देवी, सुशीला जैन, सुलोचना जैन, ऋचा जैन, शैली जैन, शिल्पा जैन, रौशनी जैन एवं अन्य भक्त गण उपस्थित होकर जन्म व तप कल्याणक मनाया।





