दुर्ग (विश्व परिवार)। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ ऋषभदेव जी का जन्म कल्याणक दिवस आज दुर्ग के सभी जैन मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर प्रातः मंदिर जी से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सुसज्जित चांदी के रथ पर भगवान आदिनाथ जिनेंद्र देव विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। शोभायात्रा और प्रभात फेरी में जैन समाज के बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु शामिल हुए और जयकारों के साथ भगवान आदिनाथ जयंती को उत्साहपूर्वक मनाया।
मंदिरों में प्रातःकाल अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया।
भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक के पावन अवसर पर जैन समाज द्वारा आमजन के लिए गन्ने के रस का वितरण भी किया गया। जैन कैटर्स द्वारा सपरिवार सुंदर और व्यवस्थित व्यवस्था के साथ सभी लोगों को शुद्ध गन्ना रस का रसपान कराया गया।
भगवान आदिनाथ जयंती पर गन्ना रस वितरण का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है और इसे मंगलकारी दान माना जाता है।





