- 350 से अधिक महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी दर्ज की
रायपुर (विश्व परिवार)। अदाणी पावर लिमिटेड, रायपुर के सेफ्टी विभाग और अदाणी फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से ग्राम छत्तौद में 55वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। छत्तौद, रायखेड़ा, तरसोईव और गैत्रा सहित आसपास के ग्रामों से लगभग 350 महिलाओं ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय समुदाय के लिए उपयोगी साबित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में DSP गुरजीत सिंह (DSP ट्रैफिक, रायपुर) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और दुर्घटना-निवारण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उनका कहना था कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे व्यवहार में लाना आवश्यक है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वाति वर्मा (सदस्य, जिला पंचायत एवं सभापति, रायपुर) ने कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण सुरक्षा और सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि सुरक्षित वातावरण ही मजबूत समाज की नींव रखता है। स्वाति वर्मा ने कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता को सकारात्मक पहल बताया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा विषयों पर तीन विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। गृह सुरक्षा से संबंधित सत्र का संचालन आशीष ताम्रकार ने किया, जिसमें घरेलू दुर्घटनाओं से बचाव हेतु सरल और व्यावहारिक उपाय बताए गए। विद्युत सुरक्षा पर सत्र में सूर्यकांत साहू ने आवश्यक जानकारी साझा की और लोगों को विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग के बारे में बताया। सड़क सुरक्षा पर आयोजित प्रशिक्षण का संचालन मानस रंजन दास ने किया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सावधानियों पर जानकारी दी गई।
अंतिम चरण में आयोजित क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सही उत्तर देने पर कुंती वर्मा, रीतूँ ध्रुव, दीक्षा वर्मा, टीना साहू, कौशल्या धिवार, संगीता चाट्री, वीणा पांडे, शिवानी साहू, मोनिका वर्मा, जितेश्वरी यादव और राधिका वर्मा को विजेता घोषित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने में सहायक होते हैं और इन्हें आगे भी नियमित किया जाना चाहिए, ताकि समुदाय अधिक सुरक्षित, जागरूक और सशक्त बन सके।





