कांकेर (विश्व परिवार)। जिला प्रशासन द्वारा संचालित अभिनव पहल ’मावा मोदोल’ (मेरा मूल मेरा भविष्य) निःशुल्क कोचिंग ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता सिद्ध करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों ने सीजी पीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 20 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त की है, जो जिले के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है।
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की विशेष पहल पर दूरस्थ एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण कोचिंग सुविधा प्रदान की जा रही है।
जिला मुख्यालय कांकेर एवं विकासखंड मुख्यालय भानुप्रतापपुर में संचालित इस कोचिंग में पिछले एक वर्ष से विद्यार्थी नियमित अध्ययन कर रहे थे। अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। मावा मोदोल की भानुप्रतापपुर शाखा से 12 छात्र-छात्राओं तथा कांकेर शाखा से 08 छात्र-छात्राओं ने प्रारंभिक परीक्षा में कामयाबी हासिल की है। इनमें भानुप्रतापपुर शाखा से उत्तीर्ण विद्यार्थियों में शिल्पा नुरेटी, कु. छबिलता देहारी, भावेश करंगा, रामगुलाल, कु. रजोतिन, राहुल ठाकुर, डेनियल वर्मा, गजेंद्र सोनवानी, लोचन प्रसाद देवांगन, कु. नेहा कोरेटी, दीप मल्लिका चुरेंद्र एवं कमल राम ठाकुर (नायब तहसीलदार) शामिल हैं। वहीं, कांकेर शाखा से उत्तीर्ण विद्यार्थियों में सुभाष नेताम, वीरेंद्र टंडन, प्रतिभा कुंजाम, प्राची वासनीकर, तुषार शेंडे (टेस्ट सीरीज लाभार्थी), दिलीप कुमार मार्कण्डेय, नीरज कुमार साहू एवं विक्रांत शामिल हैं।
इन सभी विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि आर्थिक रूप से कमजोर होने तथा सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की। संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और अनुकूल वातावरण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और सफलता की राह आसान की। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने इस उपलब्धि पर सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और प्रशासन की प्रतिबद्धता का संयुक्त परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। जिला पंचायत के सीईओ हरेश मण्डावी ने छात्रों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के लिए मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। साथ ही विषय विशेषज्ञों की सहायता से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए हैं।






