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आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने पर रायपुर में भव्य वॉकथन आयोजित

रायपुर (विश्व परिवार)। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आकाशवाणी केन्द्र द्वारा भव्य वॉकथन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आकाशवाणी के वर्तमान कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी, समाचार वाचक, श्रोता, युवा वर्ग तथा शहर के अनेक प्रमुख नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आकाशवाणी की गौरवशाली यात्रा, समाज में उसके योगदान तथा जनसंचार के क्षेत्र में उसकी विश्वसनीय भूमिका को स्मरण करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दूरदर्शन रायपुर के उप महानिदेशक संजय कुमार मिश्रा थे। विशेष अतिथि के रूप में पत्र सूचना कार्यालय रायपुर के उप निदेशक रमेश जायभाये तथा माय भारत के क्षेत्रीय प्रमुख श्री अर्पित तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों, मीडिया प्रतिनिधियों और युवाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
वॉकथन का शुभारंभ आज सुबह लगभग सात बजे सिविल लाइंस स्थित आकाशवाणी भवन परिसर से हुआ। प्रतिभागियों ने हाथों में आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने से संबंधित संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर पदयात्रा की। यह वॉकथन आकाशवाणी भवन से प्रारंभ होकर सिविल लाइंस, जयस्तंभ चौक, तेलीबांधा क्षेत्र तथा अन्य प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः आकाशवाणी परिसर में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि आकाशवाणी केवल एक प्रसारण संस्था नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक चेतना का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ दशकों में आकाशवाणी ने देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक सूचना, शिक्षा और मनोरंजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि आज डिजिटल युग में भी आकाशवाणी की विश्वसनीयता और जनसरोकार पहले की तरह मजबूत बने हुए हैं।
माय भारत के क्षेत्रीय प्रमुख अर्पित तिवारी ने कहा कि आकाशवाणी ने सदैव युवाओं, किसानों, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए उपयोगी कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि रेडियो आज भी जनसंचार का सबसे सुलभ और प्रभावशाली माध्यम है।
आकाशवाणी केन्द्र रायपुर के उप महानिदेशक वी. राजेश्वर ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन आकाशवाणी के गौरवशाली नब्बे वर्षों के सफर को यादगार बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने समय के साथ तकनीकी रूप से स्वयं को लगातार विकसित किया है और आज एफएम, डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से भी श्रोताओं तक अपनी पहुंच बना रही है।
उन्होंने बताया कि “बहुजन हिताय बहुजन सुखाय” के आदर्श वाक्य के साथ आकाशवाणी की स्थापना 8 जून 1936 को हुई थी। तब से लेकर आज तक आकाशवाणी देश का सबसे विश्वसनीय प्रसारण माध्यम बना हुआ है। आकाशवाणी विभिन्न भारतीय भाषाओं और बोलियों में समाचार बुलेटिन, संगीत, नाटक, मनोरंजन, प्रेरक कार्यक्रम, कृषि संबंधी जानकारी, स्वास्थ्य जागरूकता तथा जनोपयोगी कार्यक्रमों का प्रसारण करती रही है।
कार्यक्रम में उपस्थित सेवानिवृत्त अधिकारियों और वरिष्ठ समाचार वाचकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि रेडियो का स्वर्णिम दौर लोगों की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था और आज भी आकाशवाणी लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखती है। कई प्रतिभागियों ने कहा कि आकाशवाणी की आवाज उन्हें अपने बचपन और पुराने दिनों की याद दिलाती है।
वॉकथन के समापन पर सभी प्रतिभागियों को आकाशवाणी की 90 वर्ष की उपलब्धियों से संबंधित जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह साबित किया कि आकाशवाणी आज भी लोगों की भावनाओं और विश्वास से गहराई से जुड़ी हुई है।

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