नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्र सरकार की पहल पर देश में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए जोनल कॉन्फ्रेंसों की श्रृंखला शुरू होने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य कृषि नीति, विज्ञान और जमीनी अनुभव को एक मंच पर लाना है।
7 अप्रैल से जयपुर में होगी शुरुआत
कॉन्फ्रेंसों की शुरुआत 7 अप्रैल 2026 को जयपुर में पश्चिमी जोन के सम्मेलन से होगी। इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई राज्यों के कृषि मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
देशभर में होंगे चरणबद्ध सम्मेलन
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 17 अप्रैल को लखनऊ में उत्तर भारत के राज्यों के लिए सम्मेलन होगा, जबकि 24 अप्रैल को भुवनेश्वर में पूर्वी जोन की बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद मई में हैदराबाद और गुवाहाटी में भी सम्मेलन होंगे।
किसानों की आय और तकनीक पर फोकस
इन जोनल कॉन्फ्रेंसों का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि में तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। इसमें आत्मनिर्भर दलहन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन, प्राकृतिक खेती मिशन और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
सभी हितधारकों की भागीदारी
सम्मेलनों में नीति निर्माताओं के साथ-साथ वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, किसान संगठन, एफपीओ, स्टार्टअप और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इससे जमीनी अनुभव और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्माण किया जा सकेगा।
राज्यों के सफल मॉडल होंगे साझा
बैठकों में विभिन्न राज्यों के सफल कृषि मॉडल—जैसे सिंचाई, उर्वरक वितरण, एग्री-स्टैक और मूल्य श्रृंखला प्रबंधन—को साझा किया जाएगा, ताकि अन्य राज्य भी इन्हें अपनाकर कृषि विकास को गति दे सकें।
कृषि में नवाचार और निवेश को मिलेगी गति
शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि इन कॉन्फ्रेंसों से कृषि क्षेत्र में नवाचार, निवेश और तकनीक अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे किसानों की आय, उत्पादकता और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।





