चेन्नई (विश्व परिवार)। तमिलनाडु की राजनीति में सरकार गठन से पहले ही सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के बयान के बाद AIADMK और भाजपा के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है।
अननामलाई ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी पार्टी सरकार बनाती है तो वह किसी के दबाव में काम नहीं करेगी और सभी विधायक स्वतंत्र रूप से फैसले लेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन की शर्तों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
इस बयान के बाद एआईएडीएमके खेमे में नाराजगी देखी जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि गठबंधन धर्म का पालन जरूरी है और किसी भी निर्णय से पहले सहयोगी दलों से चर्चा होनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार गठन को लेकर दोनों दलों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। सत्ता संतुलन और नेतृत्व को लेकर मंथन चल रहा है, लेकिन बयानबाजी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर दोनों दलों के बीच मतभेद नहीं सुलझे तो इसका असर सरकार गठन पर पड़ सकता है। फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा और एआईएडीएमके के बीच यह टकराव आगे क्या मोड़ लेता है।







