डोंगरगढ़ (विश्व परिवार)। राजनांदगांव जिले का डोंगरगढ़ क्षेत्र इन दिनों सिर्फ धार्मिक पहचान के लिए नहीं, बल्कि अंतर्राज्यीय अवैध शराब नेटवर्क के कारण भी सुर्खियों में है। गांवों की शांत गलियों और सुनसान रास्तों के पीछे किस तरह शराब तस्करी का जाल फैल चुका है, इसका एक और बड़ा खुलासा पुलिस कार्रवाई में हुआ है। इस बार कहानी का केंद्र बना मोहारा क्षेत्र का मुढिया नाला… जहां झाड़ियों और सुनसान रास्तों के बीच अवैध शराब का पूरा नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस को सूचना मिली कि यहां मध्यप्रदेश से लाई गई शराब डंप कर खुलेआम सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस और स्पेशल टीम ने ऐसा जाल बिछाया कि पूरे नेटवर्क में भगदड़ मच गई। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोग अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर भागने लगे। कुछ लोग बच निकले, लेकिन पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया। मौके से मध्यप्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की 9 पेटियां, करीब 81 बल्क लीटर शराब और सप्लाई में इस्तेमाल हो रही ओला ईवी स्कूटी जब्त की गई। पुलिस के मुताबिक शराब की कीमत करीब 1.10 लाख रुपए है।
छोटे सप्लायरों के जरिए गांवों में खपाया जा रहा
पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपियों ने खुलासा किया कि शराब को अलग-अलग रास्तों से डोंगरगढ़ क्षेत्र में पहुंचाया जाता था, और फिर गांवों में छोटे सप्लायरों के जरिए खपाया जाता था। पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक खेप नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। इस कार्रवाई में देवव्रत वर्मा, चुम्मन सिन्हा और महेंद्र वर्मा गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू उर्फ छोटा कट्टी फरार है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फरार आरोपी के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं।
अंतर्राज्यीय शराब तस्करी का बन रहा बड़ा कॉरिडोर
दरअसल, डोंगरगढ़ और आसपास का इलाका पिछले कुछ महीनों से अंतर्राज्यीय शराब तस्करी का बड़ा कॉरिडोर बनता जा रहा है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र बॉर्डर से सटी लोकेशन का फायदा उठाकर तस्कर गांवों के रास्ते शराब की सप्लाई कर रहे हैं। इससे पहले भी मुसराखुर्द, बसंतपुर और बॉर्डर इलाकों में बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी जा चुकी है। राजनांदगांव पुलिस की लगातार कार्रवाई से अब शराब माफियाओं का नेटवर्क टूटता नजर आ रहा है। आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ एक महीने में जिले में आबकारी एक्ट के 135 से ज्यादा मामले दर्ज हुए हैं, और करीब 147 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
छह महीने में 11 लाख की शराब जब्त
वहीं बीते छह महीनों में करीब 11 लाख रुपए की 880 लीटर अंतर्राज्यीय शराब जब्त की जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा की “जीरो टॉलरेंस” नीति के बाद शराब कारोबारियों में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। गांवों में सक्रिय छोटे सप्लायरों से लेकर बॉर्डर कनेक्शन तक अब पुलिस की रडार पर हैं। डोंगरगढ़ में हुई यह कार्रवाई सिर्फ शराब पकड़ने की घटना नहीं, बल्कि उस छिपे नेटवर्क की परत खोलती है, जो लंबे समय से गांवों की आड़ में फल-फूल रहा था।







