रायपुर (विश्व परिवार)। महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज, रायपुर के वाणिज्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं व्यावसायिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय शैक्षणिक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
इसी क्रम में दिनांक 2 अप्रैल 2026 को महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में “Entrepreneurial Development Program in India” विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सात्विक जैन, सहायक प्राध्यापक, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर रहे।
उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यमिता के महत्व, व्यवसाय के मूलभूत सिद्धांतों तथा स्टार्टअप के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को सफल व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया एवं मानसिकता निर्माण (Mindset), व्यावसायिक योजना (Business Plan), वित्तीय प्रबंधन (Finance), सरकारी योजनाओं की जानकारी, कानूनी औपचारिकताएं, और मेंटरशिप से भी अवगत कराए।
इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के चेयरमेन रमेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमेन राजेश अग्रवाल, सेक्रेटरी श्रीमती सरिता अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. जैस्मिन जोशी तथा उप-प्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इसके पश्चात दिनांक 4 अप्रैल 2026 को “New Industrial Policy (2024–2030)” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सीए अरिहंत जैन (FCA, CS, CMA) उपस्थित रहे।
डॉ. जैन ने अपने व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) सहित अन्य कई प्रधानमंत्री योजनाओं एवं उनसे मिलने वाली सब्सिडी के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की, जिससे विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं स्टार्टअप के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के प्रमुख बिंदुओं, उसके उद्देश्यों एवं उद्योग जगत पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यह नीति रोजगार, निवेश एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित करेगी।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं करियर उन्मुख मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक समापन हुआ।





