कोकड़ी (विश्व परिवार)। समीपस्थ ग्राम कोकड़ी में मुनि श्री आगम सागर एवं मुनि श्री पावन सागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी । मुनि श्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया ।
अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कोकड़ी को “पुण्य धरा” बताते हुए कहा कि यहां की सादगी, श्रद्धा और सेवा भावना अत्यंत प्रेरणादायक है । विहार के दौरान भीषण गर्मी के बाद कोकड़ी पहुंचने पर बादलों की शीतल छाया और हल्की वर्षा ने वातावरण को सुखद बना दिया, जिसे उन्होंने प्रकृति का आशीर्वाद बताया ।
नगर प्रवेश के दौरान हथकरघा में कार्यरत महिलाओं द्वारा नंगे पैर, सिर पर कलश रखकर की गई अगवानी ने सभी को भाव-विभोर कर दिया । मुनि श्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की यह सरलता और आस्था शहरों की औपचारिकता से कहीं अधिक श्रेष्ठ है ।

उन्होंने आगे कहा कि जहां शहरों में लोग आगवानी के दौरान पैरों में चप्पल और हाथों में मोबाइल के साथ आगवानी कर औपचारिकता निभाते हैं, वहीं यहां की महिलाएं सच्चे भाव से सेवा और सम्मान करती हैं ।
मुनि श्री ने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक महिला की श्रद्धा और समर्पण देखकर वे अभिभूत हो गए । महिला ने आचार्य श्री को “अद्भुत शक्ति का प्रतीक” बताते हुए उनकी वंदना की । इसी दौरान एक अन्य महिला ने अपने बच्चे के पेट दर्द से राहत मिलने का अनुभव भी साझा किया, जिसे उसने आचार्य श्री के आशीर्वाद का परिणाम बताया ।
इस दौरान एक महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आचार्य श्री के चरणों के “गेंदोधक” (चरणामृत) को अपने बच्चे को देने के बाद, जो लंबे समय से पेट दर्द से पीड़ित था, अगले ही दिन से स्वस्थ हो गया । इस घटना को श्रद्धालुओं ने आस्था और विश्वास का प्रतीक बताया ।
धर्मसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और सभी ने मुनि श्री के प्रवचनों से प्रेरणा ली ।
सूत्रों के अनुसार, मुनि संघ का कोकड़ी से संभवतः अगला पड़ाव नवापारा की ओर विहार होने की संभावना है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है ।






