नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ती राजनीतिक गहमागहमी के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को कड़ा संदेश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में चुनाव भय, हिंसा, धमकी और प्रलोभन से मुक्त कराए जाएंगे।
‘भय-हिंसा रहित चुनाव कराना प्राथमिकता’
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भयरहित, हिंसारहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ और सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।”
मतदान एजेंटों को लेकर भ्रम दूर किया
इससे पहले आयोग ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया था कि मतदान के दिन एजेंटों को मतदान केंद्र के अंदर बैठने से रोकने संबंधी कोई नया निर्देश जारी नहीं किया गया है। आयोग ने कहा कि इस संबंध में पुराने दिशानिर्देश ही लागू रहेंगे।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य में करीब 2,400 अर्धसैनिक बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें लगभग 2,40,000 जवान शामिल हैं।
महिला सुरक्षा बलों की रिकॉर्ड तैनाती
इस बार चुनाव में महिला सुरक्षा कर्मियों की भी रिकॉर्ड तैनाती की गई है। करीब 20,000 महिला अर्धसैनिक जवान, यानी लगभग 200 कंपनियां, चुनाव ड्यूटी में लगाई गई हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हुई है।
दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को 142 सीटों के लिए आयोजित किया जाएगा। मतगणना 4 मई को होगी, उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।





