नई दिल्ली (विश्व परिवार)। संसद में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) गिरने के बाद देश की सियासत तेज हो गई है। सत्ता पक्ष इसके लिए विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है तो विपक्ष इसे सरकार की साजिश करार दे रहा है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला आरक्षण बिल गिरने का ठिकरा मोदी सरकार पर ही फोड़ा। प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन (delimitation) और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी। हमें महिला विरोधी कहकर खुद मसीहा नहीं बन सकते। विपक्ष ने तो सिर्फ सरकार की साजिश नाकाम की है। कांग्रेस महासचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह मांग की है कि महिला आरक्षण बिल जो 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसको लागू करिए।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि ये महिला बिल की नहीं बल्कि परिसीमन की बात थी, इनको अपनी मनमानी करने की पूरी आजादी मिल जाती। महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश ना करें। महिलाएं देख रही हैं। उन्नाव हाथरस, मणिपुर में देखा.. आप संसद में खड़े होकर कह रहे हैं कि आप उनके मसीहा बनना चाहते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए सरकार ने साजिश की। उन्होंने कहा कि सरकार खुद भी जानती थी कि ये बिल पास नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत बिल लाया गया। सरकार कोशिश थी अगर बिल पास हो गया था तो देश की महिलाओं के लिए मसीहा बन जाएगी और अगर पास नहीं हुआ तो घर-घर जाकर विपक्ष को महिलाओं का विरोधी करार देंगे। उन्होंने कहा कि कल लोकसभा में जो हुआ वो संविधान, देश और विपक्ष की एकता की जीत थी. उन्होंने कहा कि सरकार की साजिश नाकाम हुई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों ने कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होते तो कभी जीत नहीं सकते। उन्होंने कहा कि पूरी साजिश षडयंत्र की तरह रची गई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर सरकार सत्ता में रहना चाहती है।
यह बिल महिला आरक्षण नहीं परिसीमन का बिल था
उन्होंने दावा किया कि यह बिल महिला आरक्षण बिल नहीं था, यह परिसीमन का बिल था। इसमें महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन की बात थी। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम सभी सोच रहे थे कि इतनी भी क्या जल्दी है। ये क्यों यह बिल इतनी हड़बड़ी में ला रहे हैं। अचानक सत्र से हैरानी थी। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में चुनाव हैं, दो राज्यों में अभी भी वोटिंग बाकी हैं। इनको जैसे भी हो, सत्ता चाहिए।
महिलाओं का मसीहा बनना इतना आसान नहीं
प्रियंका गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिल का मसौदा एक दिन पहले क्यों सार्वजनिक किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी महिलाओं के नाम पर सत्ता में रहना चाहती है। महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि महिलाओं का मसीहा बनना चाहते हैं ये। मणिपुर में क्या हुआ, उन्नाव में क्या हुआ, कुश्ती की महिला खिलाड़ियों के साथ क्या हुआ। उन सब महिलाओं को कोई पूछने नहीं गया। महिलाओं का मसीहा बनना इतना आसान नहीं है।




