देशनई दिल्ली

तमिलनाडु में नई सरकार की आहट: विजय का दावा, समर्थन जुटाने की कोशिश तेज

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। टीवीके (TVK) प्रमुख विजय (Vijay ) ने तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। विजय लोक भवन पहुंचकर उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात की। इसके बाद वे गिंडी स्थित राजभवन में भी राज्यपाल से मिले और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। विजय 7 मई को सुबह 10 बजे से 11:15 बजे के बीच शपथ ले सकते हैं। विजय के साथ और कौन-कौन शपथ ले सकता है, इसकी जानकारी अभी बाहर निकलकर नहीं आई है। इस दौरान विजय के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जिनमें एन. आनंद, आधव अर्जुना, सेंगोट्टैयन और अरुणराज शामिल थे।
बता दें कि कांग्रेस से समर्थन मिलने के बाद टीवीके के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा किया है। साथ ही सदन में बहुमत साबित करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा है। हालांकि मिलनाडु में बीजेपी की सहयोगी पार्टी एआईडीएमके (AIADMK) भी विजय को समर्थन दे सकती है। विजय को समर्थन देने को लेकर एआईडीएमके के कई विधायक बगावत भी कर सकते हैं। बगावत का नेतृत्व CV षणमुगम कर रहे हैं। बगावत के बाद टीवीके के समर्थन को लेकर पार्टी दो फाड़ होती नजर आ रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के 47 MLA में से ज्यादातर TVK को सपोर्ट करने की मांग कर रहे हैं। पूर्व सीएम और AIADMK के सीनियर लीडर एडप्पाडी को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने जल्द फैसला नहीं लिया तो 30 से ज्यादा MLA पार्टी तोड़कर विजय को सपोर्ट कर देंगे। इस बगावत का नेतृत्व CV षणमुगम कर रहे हैं। ऐसी खबर मिल रही है कि उनके घर पर कुछ देर में एआईएडीएमके MLA पहुंच सकते हैं।
सरकार बनाने के लिए चाहिए 118 सीटें
234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि बहुमत से 10 सीट दूर है। इस शानदार प्रदर्शन से तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है, जहां पहले डीएमके और एआईएडीएमके का दबदबा रहा था। युवाओं और शहरी मतदाताओं के समर्थन से विजय की पार्टी अब सरकार बनाने की दौड़ में सबसे आगे है। सरकार बनाने के लिए टीवीके अब अन्य दलों से गठबंधन की कोशिश कर रही है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने भी दिया इस्तीफा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद बीजेपी के नेतृत्व में नयी सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नयी सरकार के पदभार संभालने तक हिमंत से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का अनुरोध किया है।

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