दुर्ग

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निगम की कार्यशाला आयोजित

  • आयुक्त,सभापति एवं एम.आई.सी. सदस्यों की मौजूदगी में स्वच्छता व्यवस्था पर हुई विस्तृत चर्चा
  • कार्यशाला में पार्षदों ने रखी वार्डों की स्वच्छता संबंधी समस्याएं और सुझाव
  • सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने पार्षदों ने साझा किए अपने अनुभव व सुझाव
  • शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर
  • कचरा प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण एवं नागरिक सहभागिता को लेकर नगर निगम गंभीर

दुर्ग (विश्व परिवार)। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। आज महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में शुक्रवार को कार्यशाला आयोजित की गई।इस अवसर पर आयुक्त सुमित अग्रवाल, सभापति श्याम शर्मा,देव नारायण चन्द्राकर, नीलेश अग्रवाल,नरेंद्र बंजारे,मनीष साहू,हर्षिका संभव जैन,शशि साहू सहित समस्त पार्षदगण एवं निगम स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता उपस्थित रहे।

कार्यशाला का आयोजन सचिव महोदया के निर्देशानुसार किया गया, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न प्रावधानों, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता अभियान, कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की साफ-सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण, नालियों की नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कलेक्शन तथा स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को विस्तारपूर्वक साझा किया। पार्षदों ने वार्ड स्तर पर नागरिकों को हो रही परेशानियों से अवगत कराते हुए स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए। अधिकारियों द्वारा पार्षदों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के शीघ्र निराकरण एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया गया।अधिकारियों द्वारा कार्यशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को नियमों की जानकारी देते हुए शहर को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने हेतु नागरिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

स्वच्छ एवं स्वस्थ शहर का निर्माण केवल निगम प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत घर-घर से गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को जागरूक किया जाएगा।

महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम द्वारा स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा प्रत्येक वार्ड में नियमित साफ-सफाई, कचरा संग्रहण एवं स्वच्छता निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने वार्डों में नागरिकों को जागरूक करने एवं स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

आयुक्त सुमित अग्रवाल ने कार्यशाला में कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, स्रोत पर कचरे का पृथक्करण एवं पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। निगम प्रशासन द्वारा नियमों के पालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम की टीम लगातार कार्य कर रही है तथा नागरिकों के सहयोग से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जाएगी।

सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद अपने वार्डों में नागरिकों को स्वच्छता एवं कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक करें ताकि शहर में बेहतर स्वच्छता व्यवस्था कायम हो सके। उन्होंने कहा कि निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान में जनसहभागिता बढ़ने से निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

कार्यशाला के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी प्राप्त किए गए। इस अवसर पर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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