देशनई दिल्ली

भारत-नॉर्वे संबंधों को मिला ‘ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ का नया आयाम : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। नॉर्वे दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि भारत और नॉर्वे अपने संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ के नए दौर में ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश क्लीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी, ग्रीन शिपिंग, रिसर्च और डिजिटल सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में भारत और यूरोप के संबंध एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहे हैं।
नॉर्वे की लोकतांत्रिक परंपरा की सराहना
प्रधानमंत्री ने नॉर्वे पहुंचने पर मिले आत्मीय स्वागत के लिए आभार जताया। उन्होंने नॉर्वे के Constitution Day के अवसर पर वहां की जनता को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नॉर्वे नेचर और ह्यूमन प्रोग्रेस के बीच संतुलन का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वह पिछले वर्ष नॉर्वे आने वाले थे, लेकिन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण यात्रा स्थगित करनी पड़ी थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उस कठिन समय में नॉर्वे ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़े होकर सच्ची मित्रता दिखाई।
भारत-यूरोप साझेदारी के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में भारत और यूरोप के बीच संबंध और मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच लागू हुआ ट्रेड एंड इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर निवेश और 10 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रीन एनर्जी और ब्लू इकॉनमी पर फोकस
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे अब ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप के तहत क्लाइमेट रेजिलिएंस, क्लीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी और ग्रीन शिपिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत की स्केल, स्पीड और टैलेंट को नॉर्वे की टेक्नोलॉजी और कैपिटल के साथ जोड़कर दोनों देशों की कंपनियां वैश्विक समाधान विकसित करेंगी।
रिसर्च, शिक्षा और AI सहयोग को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि रिसर्च, एजुकेशन और इनोवेशन दोनों देशों के संबंधों के मजबूत स्तंभ बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि sustainability, ocean energy, geology और health जैसे क्षेत्रों में रिसर्च सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग, AI, साइबर और डिजिटल सेक्टर में विश्वविद्यालयों और स्टार्ट-अप ecosystem को जोड़कर साझेदारी को future ready बनाया जाएगा। स्किल डेवलपमेंट और talent mobility में भी सहयोग बढ़ेगा।
आर्कटिक और स्पेस सेक्टर में सहयोग
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्वे आर्कटिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण देश है और आर्कटिक व पोलर रिसर्च में दोनों देशों का लंबे समय से सहयोग रहा है। उन्होंने भारत के आर्कटिक रिसर्च स्टेशन ‘हिमाद्रि’ के संचालन में सहयोग के लिए नॉर्वे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ISRO और नॉर्वे स्पेस एजेंसी के बीच हुआ MoU स्पेस सहयोग को नए आयाम देगा।
इंडो-पैसिफिक और ग्लोबल साउथ पर साझेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्वे का इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव से जुड़ना खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि दोनों देश maritime security, marine economy और capacity building में सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच triangular development cooperation agreement भी हुआ है, जिसके तहत ग्लोबल साउथ के देशों में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए मानव विकास में योगदान दिया जाएगा।
शांति और कूटनीति पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों rules based order, dialogue और diplomacy में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे का समाधान military conflict से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में संघर्ष की जल्द समाप्ति तथा शांति के प्रयासों का भारत और नॉर्वे समर्थन करते रहेंगे। साथ ही, दोनों देशों ने global institutions में सुधार और आतंकवाद के हर रूप के खात्मे की जरूरत पर भी सहमति जताई।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts