नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान युद्ध में हर दिन डींगे हांकने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूएस-ईरान युद्ध में ईरान ने ऐसे जख्म दिए जिसे ठीक होने में कई साल लगेंगे। जी हां… ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। युद्ध में अमेरिका के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन नष्ट हुए या मार गिराए गए। इसमें 5वीं पीढ़ी का F-35 फाइटर जेट भी शामिल है। जबकि ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका के ₹2.81 लाख करोड़ स्वाहा हो चुके हैं। ये खुलासा यूएस कांग्रेस की रिपोर्ट में हुआ है।
बता दें कि ईरान पर इजराइल के हमले के बाद अमेरिका भी जंग में कूद पड़ा था। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ यहुए युद्ध को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया था। हालांकि यही अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़ी गलती कर बैठे।
यूएस कांग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन तबाह या गंभीर रूप से डैमेज हुए हैं। इनमें 6 फाइटर और अटैक जेट हैं। तबाह हुए जेट में 1 एफ-35, 4 F-15E स्ट्राइक ईगल और 1 A-10 थंडरबोल्ट-II शामिल है। सबसे बड़ा नुकसान ड्रोन कैटेगरी में हुआ है। कुल 25 ड्रोन तबाह हुए हैं। इनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन है। इनके अलावा 11 अन्य विमान भी तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं। जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पहले ही बता चुका है कि जंग पर उसके कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
किस कैटेगरी हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
- 42 एयरक्राफ्ट और ड्रोन तबाह या डैमेज
- 6 फाइटर और अटैक जेट प्रभावित
- 1 F-35 फाइटर जेट नष्ट
- 4 F-15E स्ट्राइक ईगल क्षतिग्रस्त
- 1 A-10 थंडरबोल्ट-II तबाह
- 25 ड्रोन नष्ट
- इनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन शामिल
- 11 अन्य विमान भी क्षतिग्रस्त
अमेरिका बोला- युद्ध ही एकमात्र विकल्प
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अलावा अमेरिका के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। उनके मुताबिक ईरान तेजी से परमाणु हथियार बनाने की दिशा में बढ़ रहा था, जिसे रोकना जरूरी था।ट्रंप का दावा किया कि अमेरिकी दबाव का असर अब दिखने लगा है और ईरान बातचीत व समझौते के संकेत दे रहा है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ट्रम्प के अधिकारी बोले- ऐसा हमला करेंगे, जो कभी नहीं देखा होगा
अमेरिका ने ईरान को लेकर एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने कहा कि अगर ईरान परमाणु समझौते पर अमेरिका की शर्तें नहीं मानता, तो उसे ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जैसी आधुनिक इतिहास में नहीं देखी गई।
ईरान बोला- हमारे पास अभी कई सीक्रेट हथियार बाकी
अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान ने कहा है कि उसके पास अब भी कई ऐसे आधुनिक हथियार हैं, जिन्हें अब तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया। ईरानी सैन्य सूत्रों ने कहा कि अगर दोबारा हमला हुआ तो इस बार जवाब बिना संयम के दिया जाएगा। रूसी न्यूज एजेंसी RIA नोवोस्ती के मुताबिक, एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि तेहरान ने कई आधुनिक हथियार घरेलू स्तर पर विकसित किए हैं। अधिकारी ने कहा- हमने ऐसे आधुनिक हथियार बनाए हैं, जिन्हें अब तक युद्ध के मैदान में इस्तेमाल नहीं किया गया और उनका परीक्षण भी नहीं हुआ है।







