रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं राजभाषा विभाग द्वारा पारंपरिक शिल्प और कला के संरक्षण, प्रचार-प्रसार तथा जागरूकता के उद्देश्य से “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण शिविर 25 मई से 9 जून 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगा।
शिविर में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक तथा शाम 5 बजे से 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंजीयन प्रक्रिया 21 मई 2026 से महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, सिविल लाइन रायपुर में प्रारंभ हो चुकी है।
प्रशिक्षण शिविर में वाद्ययंत्र, क्ले और टेक्सचर आर्ट, पेंटिंग, बोनसाई आर्ट, कथक नृत्य, मंडला एवं मांडना आर्ट, रंगोली भित्ति चित्र, जूट एवं गोदना शिल्प, छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गहने, ट्राइबल आर्ट, लोकसंगीत-नृत्य, हस्तकढ़ाई, टेराकोटा, लिप्पन आर्ट, एआई, क्रोशिया-कॉटिया कला सहित विभिन्न पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विभिन्न क्षेत्रों के ख्यातिप्राप्त कला गुरु प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में छूट दी जाएगी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और प्रमाण पत्र भी वितरित किए जाएंगे।
इच्छुक प्रतिभागी संस्कृति विभाग की वेबसाइट CG Culture और ईमेल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए 0771-2995629 एवं 2537404 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।







