नई दिल्ली (विश्व परिवार)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने महज चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम की अपील करने पर मजबूर कर दिया।
रक्षा मंत्री ने इस अभियान को भारत के सैन्य इतिहास की एक अभूतपूर्व सफलता बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति, आधुनिक सैन्य क्षमता और तीनों सेनाओं के उत्कृष्ट तालमेल का जीवंत उदाहरण था।
स्मारक प्रकाशन का विमोचन
इस मौके पर राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित एक विशेष स्मारक प्रकाशन का विमोचन किया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनाथ सिंह ने कहा, “यह प्रकाशन केवल घटनाओं का दस्तावेज नहीं है, बल्कि उन वीर सैनिकों की भावनाओं, संघर्ष और अनुभवों को भी जीवंत रूप में सामने लाता है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों और रणनीतियों से नहीं जीते जाते, बल्कि उनमें नेतृत्व, साहस, मानसिक दृढ़ता और दबाव में सही निर्णय लेने की क्षमता सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। यह पुस्तक इन्हीं पहलुओं को बेहद मानवीय और प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत करती है।”
मुख्य बातें
- ऑपरेशन सिंदूर को पिछले युद्धों और अभियानों से अलग और अधिक प्रभावशाली बताया गया।
- आधुनिक तकनीक, रणनीतिक योजना और सैनिकों के अदम्य साहस पर जोर।
- रक्षा मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे देशहित को सर्वोपरि रखें और सैनिकों के बलिदान को याद रखें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न केवल भारत की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि इस अभियान ने यह स्पष्ट संदेश भी दिया कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा।
यह स्मारक प्रकाशन आने वाली पीढ़ियों के लिए सैनिकों के साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायक दस्तावेज बनकर रहेगा।







