देशनई दिल्ली

भुज में अमित शाह की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक, सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रोकने पर जोर

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी सहित राज्य सरकार और सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, तस्करी, आर्थिक अपराध और तटीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
सीमा सुरक्षा में बड़े बदलाव का दावा
अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठ और सीमा पार तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में जीरो टॉलरेंस की नीति
गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में किसी भी अनधिकृत अतिक्रमण को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत समाप्त किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथी गतिविधियों के संभावित केंद्रों पर भी लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता बताई।
जनसांख्यिकी बदलावों की निगरानी के निर्देश
अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जिला मजिस्ट्रेट नियमित रूप से जनसांख्यिकी परिवर्तनों की निगरानी करें और इसकी रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के कारण हो रहे रिवर्स माइग्रेशन को सकारात्मक संकेत बताया।
घुसपैठियों की पहचान और वापसी पर जोर
बैठक में गृह मंत्री ने कहा कि पहले से बसे अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के लिए प्रशासन के सभी स्तरों को मिलकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि हर सीमावर्ती जिला अपनी स्थानीय चुनौतियों के अनुसार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करे, जिसमें ड्रोन गतिविधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध घुसपैठ की पहचान शामिल हो।
हर जिले में बनेगा सुरक्षा समन्वय समूह
अमित शाह ने कहा कि प्रत्येक सीमावर्ती जिले में सुरक्षा समन्वय समूह गठित किया जाए। इसमें सीमा सुरक्षा बल, भारतीय तटरक्षक बल, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और लीड बैंक प्रबंधकों को शामिल किया जाएगा, ताकि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
हवाला, शेल कंपनियों और आर्थिक अपराधों पर निगरानी
गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों में हवाला लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और जीएसटी संग्रह की गहन निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ मिलकर व्यापक सर्वे अभियान चलाया जाए, ताकि आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सके।
तटीय सुरक्षा और योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर
अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के निकट स्थित क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा को और मजबूत करने तथा भारतीय तटरक्षक बल के साथ बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं का 100% संतृप्ति स्तर तक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका होगी अहम
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आयकर, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और बॉर्डर रेंज के आईजी स्तर के अधिकारियों की होगी। केंद्र सरकार का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और प्रशासनिक समन्वय को और मजबूत बनाना है।

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