नई दिल्ली (विश्व परिवार)। ईरान और इजराइल के अप्रैल में हुए सीजफायर के 2 महीने बाद दोबारा जंग शुरू हो गई है। ईरान ने रविवार रात इजराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (इस्लामिक) कोर ने यह कार्रवाई तेल अवीव स्थित इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद के मुख्य ठिकाने को निशाना बनाते हुए की है।
इसके जवाब में इजराइली सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर निशाना साधा। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई विस्फोट हुए हैं।
इजराइल ने लोगों से सतर्क रहने और अपने नागरिकों के लिए बंकरों में जाने की सलाह जारी की है। ताजा स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भी भारतीयों से ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। इसी बीच ईरान, इराक और सीरिया ने अपने-अपने एयरस्पेस पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी तनाव का असर दिखने लगा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर तनाव कम नहीं हुआ तो अमेरिका भी सीधे तौर पर शामिल हो सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर पहले भी तनाव बना रहा था।
इजराइल पर मिसाइल हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई, जहां दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की गई। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई इजराइली ड्रोन को मार गिराया है।
ईरान, इराक और सीरिया ने एयरस्पेस बंद कर दिया है, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों का रूट बदल दिया है। इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना एयरस्पेस बंद रखा है।
अमेरिकी सेना ने भी अपने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और इजराइल को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की तैयारी की जा रही है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।







