देशनई दिल्ली

ओमान के पास वाणिज्यिक पोत पर हमला, भारतीय क्रू की सुरक्षा पर उठे सवाल

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। भारत ने बुधवार को ओमान के तट पर एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे. ओमान के तट के पास समंदर में एक तेल टैंकर ‘सेटोबेलो’ पर हुए भयंकर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारी भूचाल आ गया है. ओमान तट के पास तेल टैंकर सेटोबेलो पर हुए हमले के बाद 24 भारतीय क्रू में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, वहीं आदित्य शर्मा समेत 3 भारतीयों की मौत हो गयी है।
भारत सरकार ने कमर्शियल जहाज पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब किया. यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने गुरुवार (11 जून) को कहा कि वह भारत के साथ सीधे संपर्क में हैं।
ओमान तट के पास हुए तेल टैंकर हमले ने एक बार फिर समुद्री सुरक्षा और वैश्विक तनाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।विदेश मंत्रालय ने जहाज पर हमले को लेकर विरोध में अमेरिका के चार्ज डी अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया था और विरोध पत्र यानी Demarche जारी किया था।
विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, ‘हम ओमान तट के पास वाणिज्यिक पोत ‘सेटेबेलो’ पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं.’ विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय दूतावास ओमान प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और सर्च ऑपरेशन जारी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार (10 जून) को बताया कि ओमान तट के पास एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के बाद जहाज पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है।
ये कोई मामूली समुद्री हादसा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी सैन्य कार्रवाई जैसी घटना थी जिसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर बहुत बड़ा खतरा पैदा कर दिया है।
आदित्य शर्मा समेत 3 भारतीय अब भी लापता हैं. आदित्य के पिता राजेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर भावुक अपील करते हुए बेटे को खोजने की मांग की है।
भारत सरकार ने अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तुरंत विदेश मंत्रालय तलब किया गया और उन्हें बंद कमरे में बहुत ही सख्त लहजे में हड़काते हुए दो टूक कह दिया गया कि अपने लोगों की सुरक्षा के साथ भारत कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं करेगा।

 

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